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अमेरिका के मिनियापोलिस में हंगामे के बीच फेडरल एजेंट्स ने ली एक और जान, तनाव बढ़ा

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की ओर से अवैध अप्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे अब तक के सबसे बड़े इमिग्रेशन अभियान ने एक बार फिर हिंसक मोड़ ले लिया है। मिनेसोटा में फेडरल इमिग्रेशन अधिकारियों की गोलीबारी में 51 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई।

अमेरिका के मिनियापोलिस में हंगामे के बीच फेडरल एजेंट्स ने ली एक और जान, तनाव बढ़ा
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मिनियापोलिस। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की ओर से अवैध अप्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे अब तक के सबसे बड़े इमिग्रेशन अभियान ने एक बार फिर हिंसक मोड़ ले लिया है। मिनेसोटा में फेडरल इमिग्रेशन अधिकारियों की गोलीबारी में 51 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब मिनियापोलिस और आसपास के ट्विन सिटीज क्षेत्र में इमिग्रेशन कार्रवाई के विरोध में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं।

इस ताजा घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और फेडरल एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीतियों के चलते हालात बेकाबू हो गए हैं और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है।

पहले भी हो चुकी है फायरिंग, विरोध प्रदर्शन तेज

मिनेसोटा में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला सात जनवरी को उस वक्त तेज हो गया था, जब एक अन्य फायरिंग में 37 वर्षीय रीनी गुड की मौत हो गई थी। उस घटना में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) के एक अधिकारी ने उनकी कार पर गोली चलाई थी। तब से ही स्थानीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने ट्रंप प्रशासन के इमिग्रेशन अभियान को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह अभियान कानून व्यवस्था बनाए रखने से ज्यादा डर और हिंसा का माहौल पैदा कर रहा है।

गवर्नर ने ट्रंप प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार

मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने इस ताजा गोलीबारी के लिए सीधे तौर पर ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन सख्ती को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और जवाबदेही के फेडरल अधिकारियों को बड़ी संख्या में तैनात करना हिंसा को न्योता देने जैसा है। गवर्नर वाल्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने व्हाइट हाउस से संपर्क किया। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की कि मिनेसोटा में चलाए जा रहे इस बड़े इमिग्रेशन अभियान को तुरंत रोका जाए। वाल्ज ने कहा, “हजारों की संख्या में तैनात हिंसक और बिना पर्याप्त प्रशिक्षण वाले अधिकारियों को तुरंत मिनेसोटा से बाहर निकाला जाना चाहिए। यह राज्य और यहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल है।”

डीएचएस का बयान, जांच जारी

अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) ने गोलीबारी को लेकर अपना पक्ष रखा है। विभाग की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने बताया कि जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उसके पास से एक हैंडगन और दो कारतूस बरामद किए गए हैं। उनके अनुसार, फेडरल अधिकारियों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। डीएचएस ने बाद में एक तस्वीर भी जारी की, जिसमें कथित तौर पर वही हैंडगन दिखाई गई है, जिसे मृत व्यक्ति के पास से बरामद किया गया बताया जा रहा है। हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

फेडरल एजेंट्स के खिलाफ नारे

शनिवार को हुई फायरिंग के बाद घटनास्थल पर गुस्साई भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने फेडरल अधिकारियों के खिलाफ तीखे नारे लगाए और उन्हें “कायर” करार दिया। कई लोगों ने फेडरल एजेंट्स से मिनेसोटा छोड़कर जाने की मांग की। इसी दौरान एक अन्य स्थान पर तनाव और बढ़ गया, जब फेडरल एजेंट्स ने चिल्ला रहे एक प्रदर्शनकारी को जबरन कार में धकेल दिया। इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे लोगों में और आक्रोश फैल गया है।

कड़ाके की ठंड में भी जारी रहे प्रदर्शन

गौरतलब है कि इस गोलीबारी से एक दिन पहले ही हजारों लोग कड़ाके की ठंड के बावजूद सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप प्रशासन से मांग की थी कि फेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स को शहर से हटाया जाए और इमिग्रेशन कानूनों के नाम पर हो रही सख्ती को खत्म किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अवैध अप्रवासन के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर पूरे समुदाय को अपराधी की तरह देखा जा रहा है, जिससे डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

इमिग्रेशन नीति पर बढ़ता राजनीतिक टकराव

मिनेसोटा की यह घटना ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीति को लेकर देशभर में चल रहे राजनीतिक और सामाजिक टकराव का एक और उदाहरण बन गई है। डेमोक्रेटिक शासित राज्यों और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि प्रशासन की नीतियां अमानवीय हैं और कानून के दायरे से बाहर जाकर लागू की जा रही हैं। वहीं, ट्रंप प्रशासन और फेडरल एजेंसियों का कहना है कि अवैध अप्रवासन को रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।

हालात तनावपूर्ण

फिलहाल मिनियापोलिस और ट्विन सिटीज क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। गवर्नर टिम वाल्ज और राज्य प्रशासन की मांग के बावजूद यह साफ नहीं है कि व्हाइट हाउस इस इमिग्रेशन अभियान को रोकने या कम करने पर सहमत होगा या नहीं। एक के बाद एक हो रही फायरिंग की घटनाओं ने अमेरिका में इमिग्रेशन नीति, फेडरल एजेंसियों की भूमिका और नागरिक अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा न केवल मिनेसोटा बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी और अधिक गरमाने के संकेत दे रहा है।


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