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ईरान-इस्राइल तनाव के बीच नेतन्याहू ने किया सर्वोच्च नेता खामेनेई के मारे जाने का दावा, तेहरान ने किया खंडन

अपने संबोधन में नेतन्याहू ने कहा कि यह कार्रवाई इस्राइल की सुरक्षा को मजबूत करने और संभावित खतरों को रोकने के उद्देश्य से की गई। उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा हालात, इस्राइल की सैन्य रणनीति और ईरान के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों पर विस्तार से बात की।

ईरान-इस्राइल तनाव के बीच नेतन्याहू ने किया सर्वोच्च नेता खामेनेई के मारे जाने का दावा, तेहरान ने किया खंडन
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तेहरान/तेलअवीब। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को राष्ट्र के नाम टीवी संबोधन में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस्राइली कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के “मुख्य परिसर” को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा, 'आज सुबह हमने तानाशाह खामेनेई के परिसर को तेहरान के दिल में नष्ट कर दिया... और कई संकेत मिले हैं कि तानाशाह अब नहीं जिंदा है। नेतन्याहू ने यह भी संकेत दिया कि उपलब्ध सूचनाओं से यह प्रतीत होता है कि इन हमलों में “वह तानाशाह” मारा गया हो सकता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और ईरान ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया है।

नेतन्याहू का संबोधन

अपने संबोधन में नेतन्याहू ने कहा कि यह कार्रवाई इस्राइल की सुरक्षा को मजबूत करने और संभावित खतरों को रोकने के उद्देश्य से की गई। उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा हालात, इस्राइल की सैन्य रणनीति और ईरान के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस्राइल “अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को प्रतिबद्ध है” और किसी भी खतरे का जवाब निर्णायक ढंग से देगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, नेतन्याहू का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। इसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों दर्शकों को संदेश देने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

ईरान का कड़ा खंडन: “सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहा”

नेतन्याहू के दावों पर ईरान की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया आई। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने एबीसी न्यूज को बताया कि देश के राष्ट्रपति और सर्वोच्च नेता सुरक्षित और स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि “सरकारी तंत्र पूरी तरह सक्रिय है और सामान्य रूप से काम कर रहा है।” ईरानी अधिकारियों ने इस्राइली दावों को “भ्रामक और मनोवैज्ञानिक युद्ध” करार दिया है। तेहरान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस तरह की खबरें क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के उद्देश्य से प्रसारित की जा रही हैं।

परस्पर विरोधी दावे

इसी बीच समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक वरिष्ठ इस्राइली अधिकारी के हवाले से दावा किया कि अली खामेनेई अब जीवित नहीं हैं और उनका शव मिल चुका है। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान आधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं। विरोधाभासी दावों ने क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ा दी है।

दामाद और बहू की मौत का दावा

तेहरान शहर परिषद के एक सदस्य ने यह भी दावा किया कि हालिया संयुक्त हवाई हमलों में खामेनेई के दामाद और बहू की मृत्यु हो गई। यह जानकारी स्थानीय सूत्रों पर आधारित बताई जा रही है, लेकिन इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, तेहरान के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं और कुछ इलाकों को निशाना बनाया गया। इन घटनाओं ने राजधानी में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है।

जवाबी कार्रवाई और बढ़ता सैन्य जोखिम

सूत्रों के अनुसार, ईरान की ओर से जवाबी मिसाइल हमलों की खबरें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, दोनों पक्षों द्वारा सैन्य गतिविधियों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे, तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय टकराव का रूप ले सकता है। खाड़ी क्षेत्र और लेवांत में पहले से मौजूद तनाव इस स्थिति को और जटिल बना सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। कई देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील की है, ताकि व्यापक युद्ध जैसी स्थिति से बचा जा सके।

आखिर कौन हैं अयातुल्ला अली खामेनेई?

86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर आसीन हैं। उन्होंने यह जिम्मेदारी ईरान के इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद संभाली थी। खुमैनी ने 1979 की इस्लामी क्रांति का नेतृत्व किया था, जिसमें अमेरिका समर्थित शाह को सत्ता से हटाया गया था। ईरान के राजनीतिक ढांचे में सर्वोच्च नेता का पद अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। खामेनेई देश के आध्यात्मिक मार्गदर्शक होने के साथ-साथ सेना, न्यायपालिका और प्रमुख सरकारी नीतियों पर अंतिम अधिकार रखते हैं। विदेश नीति और सुरक्षा मामलों में उनकी भूमिका निर्णायक होती है। तीन दशकों से अधिक समय से पद पर बने रहने के कारण वे ईरान की राजनीतिक व्यवस्था का केंद्रीय स्तंभ माने जाते हैं। उनके नेतृत्व में ईरान ने पश्चिमी देशों के साथ कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, जिनमें परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद प्रमुख है।

विरोधाभासी दावों ने अनिश्चितता बढ़ा दी

वर्तमान स्थिति अत्यंत संवेदनशील और तेजी से बदलती हुई है। इस्राइल और ईरान दोनों की ओर से आ रहे विरोधाभासी दावों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। जब तक किसी भी दावे की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक स्थिति को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष निकालना मुश्किल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास तेज हो सकते हैं, क्योंकि व्यापक संघर्ष का खतरा क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें तेहरान और तेल अवीव पर टिकी हुई हैं, जहां से अगला कदम तय करेगा कि तनाव कम होगा या टकराव और गहराएगा।


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