Top
Begin typing your search above and press return to search.

बेटी के घर जाना बना अली लारीजानी की मौत का कारण, कैसे ईरानी सुरक्षा प्रमुख को इजरायली सेना ने खोजा

खामेनेई के मारे जाने के बाद इजरायल के लिए लारीजानी सबसे बड़ा लक्ष्य बन गए थे। इजरायली खुफिया एजेंसियां लगातार उनकी लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि, लारीजानी को भी इस खतरे का पूरा अंदाजा था। इसी वजह से उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी थी और लगातार ठिकाना बदल रहे थे।

बेटी के घर जाना बना अली लारीजानी की मौत का कारण, कैसे ईरानी सुरक्षा प्रमुख को इजरायली सेना ने खोजा
X
तेहरान: Ali Larijani Death: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान को एक और बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी के मारे गए हैं। ईरानी मीडिया ने इस घटना की पुष्टि करते हुए उन्हें ‘बलिदानी’ बताया है। हालांकि लारीजानी को हवाई हमले में निशाना बनाना इजरायल के लिए आसान नहीं था, क्योंकि वह खामेनेई के मारे जाने के बाद लगातार अपना लोकेशन बदल रहे थे। इजरायल उनका पता लगाने में उस समय सफल हो गया, जब वह अपनी बेटी के घर पहुंचे थे। इसका इनपुट स्थानीय निवासियों से ही मिला था।

खामेनेई के बाद सबसे ताकतवर चेहरा

67 वर्षीय अली लारीजानी को ईरान की सत्ता संरचना में बेहद प्रभावशाली नेता माना जाता था। वह देश की आंतरिक सुरक्षा, रक्षा रणनीति और विदेश नीति के अहम फैसलों में केंद्रीय भूमिका निभा रहे थे। खामेनेई की मौत के बाद लारीजानी ने व्यावहारिक तौर पर रणनीतिक कमान संभाल ली थी। वह सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख थे और युद्धकालीन फैसलों से लेकर अमेरिका के साथ संभावित परमाणु वार्ता तक, हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनकी पकड़ मजबूत थी। विश्लेषकों के अनुसार, उनका प्रभाव राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी ज्यादा हो गया था।

नंबर वन टारगेट बने लारीजानी

यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई के मारे जाने के बाद इजरायल के लिए लारीजानी सबसे बड़ा लक्ष्य बन गए थे। इजरायली खुफिया एजेंसियां लगातार उनकी लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि, लारीजानी को भी इस खतरे का पूरा अंदाजा था। इसी वजह से उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी थी और लगातार ठिकाना बदल रहे थे। वह कड़े सुरक्षा घेरे में रह रहे थे, जिससे उन्हें निशाना बनाना आसान नहीं था।

बेटी से मिलने जाना पड़ा भारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, लारीजानी की लोकेशन का पता उस समय चला जब वह अपनी बेटी से मिलने के लिए तेहरान के उपनगर पारदीस स्थित उसके घर पहुंचे। ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उसी दौरान इजरायल ने हवाई हमला किया। इस हमले में लारीजानी की मौत हो गई। उनके साथ उनका बेटा, एक डिप्टी अधिकारी और कई सुरक्षाकर्मी भी मारे गए। यह हमला 16-17 मार्च की दरमियानी रात को किया गया, जिसे बेहद सटीक और योजनाबद्ध ऑपरेशन माना जा रहा है।

स्थानीय इनपुट से मिली लोकेशन

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों को लारीजानी के ठिकाने की जानकारी स्थानीय निवासियों से मिली थी। बताया जा रहा है कि तेहरान के कुछ लोगों ने उनकी मौजूदगी की सूचना दी, जिसके आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। इस इनपुट ने इजरायल को एक ऐसा मौका दिया, जिसका वह लंबे समय से इंतजार कर रहा था।

हमले में बसीज कमांडर भी मारे गए

इसी हमले में ईरान की अर्धसैनिक बसीज फोर्स के कमांडर जनरल गुलामरेजा सुलेमानी भी मारे गए। यह ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक और बड़ा झटका है। बसीज फोर्स ईरान की आंतरिक सुरक्षा और जन-आंदोलनों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में इसके शीर्ष कमांडर की मौत से देश की सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

लगातार बढ़ रहा है दबाव

28 फरवरी को खामेनेई की मौत के बाद से ही ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर खतरा मंडरा रहा था। लारीजानी भी उसी समय से निशाने पर थे। उनकी मौत से यह साफ हो गया है कि इजरायल अब ईरान के शीर्ष नेतृत्व और सुरक्षा ढांचे को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

क्षेत्रीय तनाव और गहरा सकता है

इन घटनाओं ने मिडिल ईस्ट में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है। एक तरफ इजरायल लगातार लक्षित हमले कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान भी जवाबी कार्रवाई की तैयारी में है। विशेषज्ञों का मानना है कि शीर्ष नेताओं की इस तरह की मौतें संघर्ष को और उग्र बना सकती हैं और इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है।

ईरान के लिए गंभीर झटका

अली लारीजानी की मौत ईरान के लिए सिर्फ एक बड़े नेता का नुकसान नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा और रणनीतिक व्यवस्था के लिए गंभीर झटका है। खामेनेई के बाद जिस नेता को सबसे प्रभावशाली माना जा रहा था, उसका इस तरह खत्म होना कई नए सवाल खड़े करता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि ईरान इस हमले का किस तरह जवाब देता है और क्या यह घटनाक्रम मिडिल ईस्ट में एक बड़े संघर्ष की दिशा तय करेगा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it