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होर्मुज में अमेरिकी हमले में 7 ईरानी नावें डुबोईं, व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप, इधर UAE में मिसाइल अटैक

ईरानी मीडिया ने सैन्य सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर जा रही दो नागरिक मालवाहक नौकाओं को निशाना बनाया। ईरान का कहना है कि ये नौकाएं आईआरजीसी की स्पीडबोट्स नहीं थीं, बल्कि आम नागरिक जहाज थे। इस हमले में पांच लोगों की मौत का दावा किया गया है।

होर्मुज में अमेरिकी हमले में 7 ईरानी नावें डुबोईं, व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप, इधर UAE में मिसाइल अटैक
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वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में 18 दिन के सीजफायर के बाद एक बार फिर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियों, ड्रोन हमलों और समुद्री टकराव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में तेल ठिकानों पर हमला, बहरीन में नेशनल इमरजेंसी और समुद्री जहाजों पर हमलों की खबरों ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है।

नागरिक नौकाओं पर हमले का आरोप

ईरानी मीडिया ने सैन्य सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर जा रही दो नागरिक मालवाहक नौकाओं को निशाना बनाया। ईरान का कहना है कि ये नौकाएं आईआरजीसी की स्पीडबोट्स नहीं थीं, बल्कि आम नागरिक जहाज थे। इस हमले में पांच लोगों की मौत का दावा किया गया है। हालांकि, अमेरिका ने इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से परहेज किया है, जिससे स्थिति और पेचीदा हो गई है।

अमेरिका का समुद्री ऑपरेशन

इन आरोपों के बीच अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में “प्रोजेक्ट फ्रीडम” ऑपरेशन शुरू किया है, जिसका उद्देश्य वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, दो अमेरिकी ध्वज वाले जहाज इस जलमार्ग को सुरक्षित पार कर चुके हैं। वहीं, ईरान द्वारा अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर हमले के दावे को अमेरिका ने सिरे से खारिज करते हुए “मनगढ़ंत” बताया है।

ट्रंप का सैन्य कार्रवाई का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सात छोटे जहाजों को डुबो दिया, जो कथित तौर पर व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रहे थे। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके पास दो ही विकल्प हैं—या तो ईमानदारी से समझौता करे या फिर कड़े सैन्य जवाब के लिए तैयार रहे। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया, तो उसे “धरती से मिटा दिया जाएगा।”

ईरान का पलटवार और नियंत्रण का दावा

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपने नियंत्रण का दावा करते हुए कहा है कि उसकी अनुमति के बिना कोई भी जहाज इस मार्ग से नहीं गुजर सकता। ईरान की ओर से यह भी दावा किया गया कि उसने एक अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश की, हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इसे खारिज कर दिया है। इस बीच कुछ जहाजों के जब्त किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।

दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमला

होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के एक मालवाहक जहाज पर हमले की खबर आई, जिसमें आग लग गई। ट्रंप ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, फुजैराह के पास एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, लेकिन चालक दल सुरक्षित है।

यूएई के तेल ठिकानों पर ड्रोन हमला

संयुक्त अरब अमीरात ने बताया कि फुजैराह स्थित एक अहम तेल सुविधा केंद्र पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई। इस घटना में तीन भारतीय नागरिक घायल बताए गए हैं। यह केंद्र होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने वाले प्रमुख पाइपलाइन नेटवर्क का हिस्सा है, इसलिए इसका रणनीतिक महत्व काफी अधिक है। इसके बाद बहरीन ने एहतियातन नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी।

तेल बाजार में उछाल और वैश्विक असर

इन घटनाओं का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 6 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक है, और यहां किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है, खासकर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह चिंता का विषय है।

ईरान का इनकार और कूटनीति की अपील

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन हमलों में अपने देश की भूमिका से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है और इसे केवल बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है। उन्होंने “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को “प्रोजेक्ट डेडलॉक” करार देते हुए अमेरिका और यूएई को स्थिति को और न बिगाड़ने की सलाह दी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक प्रयास

अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने बताया कि अमेरिका, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है, ताकि जलमार्ग में बाधा डालने वालों की जवाबदेही तय की जा सके। जर्मनी के चांसलर ने भी ईरान से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है।

जब्त ईरानी जहाज सौंपा गया

इस बीच, अमेरिकी सेना ने जब्त किए गए ईरानी जहाज “टूस्का” को पाकिस्तान को सौंप दिया है, जिसे 22 क्रू मेंबर के साथ ईरान भेजा गया। अमेरिकी नेवी ने इस जहाज को 21 अप्रैल को पकड़ा था।

परमाणु कार्यक्रम और बढ़ती चिंता

अमेरिकी खुफिया आकलन के मुताबिक, ईरान के परमाणु कार्यक्रम की समयसीमा में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि हालिया तनाव और संभावित सैन्य दबाव ने इसकी प्रगति को कुछ समय के लिए धीमा कर दिया है। इस बीच ओमान में एक आवासीय भवन पर हमले की खबर ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

आगे की स्थिति पर नजर

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जनरल डैन केन इस पूरे घटनाक्रम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। साथ ही अमेरिका ने चीन से अपील की है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहयोग करे।


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