मातृत्व सहयोग योजना : बरसों से पदस्थ अधिकारियों ने खेला करोड़ों का खेल,बोदले पर गिर सकती है गाज
जगदलपुर ! इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना में हुए घोटाले का फर्दाफाश होते ही पूरे प्रशासनिक इलाके में हडक़म्प मचा हुआ है।

तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी बोदले पर गिर सकती है गाज
जगदलपुर ! इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना में हुए घोटाले का फर्दाफाश होते ही पूरे प्रशासनिक इलाके में हडक़म्प मचा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बस्तर कलेक्टर को तत्काल इस मामले की जांच शुरू करने का आदेश दिया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव एम.गीता ने भी मामलेे की गंभिरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिये है। पूरे मामले में तत्कालीन महिला बाल विकास के जिला कार्यालय अधिकारी सुधाकर बोदले की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है। घोटाले के भंडाफोड़ होते ही अब उनके विश्वसनीय रह चुके अधिनस्त कर्मचारी भी दबी जुबान से ये कहने लगे हैं कि उनके संरक्षण के बिना इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं था। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार ब्लॉक स्तर पर बरसों से जमे परियोजना अधिकारियों को तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधाकर बोदले ने भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे रखी थी। सुधाकर बोदले जब तक बस्तर में पदस्थ रहे तब तक लगातार उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। सामग्री खरीदी के मामले में अपने चहेते सप्लायर्स को उपकृत किये जाने का मामला भी उस समय उजागर हुआ था। इन्हीं सब विवादों के चलते उन्हें सुकमा भेज दिया गया। उनके जाने के बाद सुश्री शैल ठाकुर जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर आसीन हुईं। सुश्री ठाकुर की पहचान एक ईमानदार और तेज तर्रार अधिकारी के रूप में बनी हुई है। पहले से बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने की उन्होंने काफी कोशिश की है इसलिये बरसों से पदस्थ परियोजना अधिकारियों की नजर में लगातार वे खटक रही हैं। ऐसे में जिले के सातों परियोजना अधिकारी उन्हें जांच में मदद करेंगे इसकी सम्भावना कम ही है। इधर सुधाकर बोदले भी अपनी छवि बचाने के प्रयासों में जुट गये हैं। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि यदि अच्छे से जांच हुई तो बस्तर जिले के कई कर्मचारी इस जांच की आंच में झुलस सकते हैं।


