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केंद्र सरकार की अव्यवस्था से भारत के वैक्सीन कार्यक्रम का बंटाधार हो चुका है: मनीष सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भारत में चलाए जा रहे वैक्सीनेशन अभियान की तुलना कछुए की चाल से की

केंद्र सरकार की अव्यवस्था से भारत के वैक्सीन कार्यक्रम का बंटाधार हो चुका है:  मनीष सिसोदिया
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नई दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भारत में चलाए जा रहे वैक्सीनेशन अभियान की तुलना कछुए की चाल से की। साथ ही कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर कई सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि देश में वैक्सीन नहीं है लेकिन केंद्र सरकार अखबारों में वैक्सीन को लेकर बड़े-बड़े विज्ञापन छपवा रही है। सिसोदिया ने कहा कि, "ऐसा ही चलता रहा तो पूरी दिल्ली का वैक्सीनेशन करने में 15-16 महीने लग जाएंगे। केंद्र सरकार दिल्ली को नियमित वैक्सीन की आपूर्ति नहीं कर पा रही। वहीं केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली के अधिकारियों को टूलकिट भेजकर 'धन्यवाद' करने का विज्ञापन छपवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।"

उपमुख्यमंत्री ने कहा की केंद्र सरकार जिस वैक्सीन कार्यक्रम को विश्व के सबसे बड़े फ्री वैक्सीन कार्यक्रम का दर्जा दे रही है, वो बड़ा हो न हो विश्व का सबसे लंबा और सबसे अव्यवस्थित वैक्सीन कार्यक्रम जरूर बन चुका है। केंद्र सरकार की इस अव्यवस्था से भारत के वैक्सीन कार्यक्रम का बंटाधार हो चुका है।

उपमुख्यमंत्री ने साझा किया कि दिल्ली को 2.94 करोड़ वैक्सीन की जरूरत थी, लेकिन दिल्ली को अबतक सिर्फ 57 लाख वैक्सीन दी है। जिसमें दिल्ली सरकार द्वारा खरीदी गई वैक्सीन भी शामिल हैं।

सिसोदिया ने कहा कि, "दिल्ली को अभी 2.30 करोड़ वैक्सीन की जरूरत है। दिल्ली को केंद्र सरकार वैक्सीन उपलब्ध करवा दे तो 3 महीने के भीतर पूरी दिल्ली को वैक्सीन लगाई जा सकती है। लेकिन केंद्र सरकार जुलाई के महीने में केवल 15 लाख वैक्सीन ही दे रही है, ऐसा ही चलता रहा तो पूरी दिल्ली का वैक्सीनेशन करने में 15-16 महीने लग जाएंगे।"

उपमुख्यमंत्री ने बताया की दिल्ली में 18-44 आयुवर्ग के 92 लाख लोग और 45 से अधिक आयुवर्ग के 57 लाख लोग हैं। जिनके लिए 2.94 करोड़ वैक्सीन डोज की जरूरत है। लेकिन केंद्र सरकार ने जनवरी से अबतक केवल दिल्ली को केवल 57 लाख वैक्सीन दिया है। जनवरी में 45 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए दिल्ली को 7.13 लाख वैक्सीन मिली। फरवरी में 7.39 लाख, मार्च में 7.22 लाख और अप्रैल में 18 लाख वैक्सीन मिली। साथ ही दिल्ली सरकार ने 18-44 आयुवर्ग के लिए 4 लाख वैक्सीन खरीदी। मई में 45 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए 9.56 लाख वैक्सीन मिली और सरकार ने 18-44 आयुवर्ग के लिए 3.67 वैक्सीन खरीदी।

जून में केंद्र ने 45 वर्ष से अधिक आयुवालों के लिए 8.21 लाख वैक्सीन दी और दिल्ली सरकार ने 18-44 आयुवर्ग के लिए 6.20 लाख वैक्सीन खरीदी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में अभी वैक्सीन संकट है और वैक्सीन की कमी है। केंद्र सरकार ने पहले इमेज मैनेजमेंट करने के लिए वैक्सीन बाहर भेज दी। इसके बाद राज्यों को बोला कि ग्लोबल टेंडर कर लो और अब अचानक बोल रही है कि केंद्र सरकार सबको 21 जून से फ्री वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली को 21 जून के बाद जून में सरकार की ओर से कोई वैक्सीन नहीं मिलने वाली है, साथ ही जुलाई में दिल्ली को केवल 15 लाख वैक्सीन ही दी जाएंगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीन कोरोना का सबसे सटीक इलाज है। विदेशों में कई देशों ने अपने लोगों को प्राथमिकता पर वैक्सीन लगवाई और आज गर्व के साथ खुद को मास्क फ्री घोषित किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को विदेशों से नसीहत लेनी चाहिए कि यदि केंद्रीय नेतृत्व चाहे तो पूरी जनता को वैक्सीन लगाकर उन्हें कोरोना के संकट से बचा सकती है और देश को मास्क फ्री कर सकती है।


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