साबौता अंडरपास के नीचे भाकियू लोकशक्ति का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
भूमि अधिग्रहण से सम्बंधित व क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर यमुना एक्सप्रेस वे के साबौता अंडरपास के नीचे शुक्रवार को आयोजित पंचायत को अधिकारियों की नजरअंदाजी के चलते अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील कर दिया गया है

जेवर। भूमि अधिग्रहण से सम्बंधित व क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर यमुना एक्सप्रेस वे के साबौता अंडरपास के नीचे शुक्रवार को आयोजित पंचायत को अधिकारियों की नजरअंदाजी के चलते अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील कर दिया गया है तथा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे से प्रभावित किसानों की मांग पर संगठन ने अपना समर्थन देने की घोषणा की है। दयानतुपर गांव में चल रहा धरना अब भाकियू लोकशक्ति के नेतृत्व में जारी रहेगा।
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के तहसील मीडिया प्रभारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि संगठन ने करीब दो सप्ताह पूर्व उपजिलाधिकारी जेवर अभय कुमार सिंह ज्ञापन सौंपकर समस्याओं से अवगत कराते हयुे दो जून को होने वाली पंचायत में सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को पंचायत में बुलाने की अपील की थी।

उन्होंने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत साबौता अंडरपास के नीचे सुबह 11बजे से पंचायत आयोजित की गई। उसके बाबजूद भी पंचायत में न तो उपजिलाधिकारी ही पहुंचे और न ही किसी विभाग के अधिकारी वहां उपस्थित हुये।
अधिकारियों द्वारा नदरअंदाज करने से आक्रोषित किसानों ने ढाई बजे घोषणा करते हुये 30 मिनट में अधिकारियों के आने का वक्त दिया लेकिन तीन बजे तक भी कोई अधिकारी पंचायत में नहीं पहुंचा। जिसके बाद संगठन के राष्ट्ीय अध्यक्ष के आवाहन पर सभी किसानों ने नारेबाजी करते हुये जेवर से नोएडा की जाने वाले टोल बूथ की ओर कूच कर दिया।
जिससे पुलिस महकमे में हंडकम्प मच गया। एसीपी रूद्र कुमार सिंह ने भारी पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचकर रास्ते में ही किसानों को रोकने का प्रयास किया तथा किसानों से उनकी तीखी नोंकझोंक हुई। उसके बाद किसानों ने टोल बूथ के समीप धरना षुरू कर दिया। चार बजे के करीब यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेन्द्र सिंह व नायब तहसीलदार ज्योत्सना किसानों के बीच पहुंचे।
अधिकारियों से एक किमी दूर स्थित पंचायत स्थल तक किसानों के साथ पैदल चलने को कहा गया। पंचायत स्थल पर पहुचकर किसानो ने अपनी मांगों से अधिकारियों को अवगत कराते हुये कहा कि यमुना एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान भूमि अधिगृहण से प्रभावित किसानों को वर्षो बाद भी बढ़ा हुआ 64.7प्रतिषत मुआवजा व 7 प्रतिशत विकसित भूखंड किसानों को नहीं मिल सका है।
प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले गांव के लोगों की घरौनी, मुर्दा मवेशी निस्तारण, परिवार रजिस्टर नकल की व्यवस्था, पात्रों को आर एंड आर का लाभ, जेवर कस्बे का सीमा विस्तार, फलैदा गांव में प्रस्तावित आटीआई व क्षेत्र में प्रस्तावित 6पुलिस थानों का निर्माण, पारसौल गांव स्थित जर्जर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का ध्वस्तीकरण, प्राधिकरण क्षेत्र में स्थापित उधोगों में क्षेत्रीय युवाओं को 40 प्रतिशत आरक्षण, रौनीजा गांव में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर के निर्माण कार्य को षुरू कराये जाने तथा जूनियर हाईस्कूलों को कम्प्यूटीकरण कराये जाने की मांग की।
किसानों ने यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेन्द्र , सिंह को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की तथा मांगों को पूरा होने तक अनिष्चितकालीन धरने की घोषणा की। इस मौके पर दीपक चैधरी, विनोद चैधरी, प्रताप सिंह, भीम सिंह, सतीष नागर, जसवंत सिंह, ओमपाल, राकेश कुमार, संतराम नागर, बलराज नागर, किरनपाल आदि मौजूद रहे।


