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ग्रामीण इलाकों में नोटबंदी का असर अभी भी

रायगढ़! देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा 8 नवंबर की रात से जहां पूरे भारत में 500 व 1000 के नोटबंदी के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा

ग्रामीण इलाकों में नोटबंदी का असर अभी भी
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बिजली बिल नहीं पटाने से काट दी गई लाइट, किसान हो रहे कर्जदार
रायगढ़! देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा 8 नवंबर की रात से जहां पूरे भारत में 500 व 1000 के नोटबंदी के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के गरीब किसानों व मजदूरों पर इसका खास असर आज भी देखने को मिल रहा है।
अभी हाल ही एक ताजा मामला ग्राम बनसिया में सामने आया है। जहां नोटबंदी का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। ग्राम बनसिया के 15-20 घरों की बिजली विभाग के द्वारा लाईन इसलिये काट दी गई क्योंकि यहां के गरीब किसान समय पर अपना बिल का भुगतान नहीं कर सके और आज इस गांव के ग्रामीण अंधेरे में अपना जीवन जीने को मजबूर है। लाईट कटने के चलते बिजली, पानी की समस्या भी देखने को मिल रही है लेकिन इसकी चिंता न तो अधिकारियों को है और न ही नेताओं को है। इस गांव के घनश्याम पटेल के नेतृत्व में जब ग्रामीण किसान विद्युत विभाग के कार्यालय जाकर पुन: कटी हुई लाईन को जोडने का आग्रह किया गया परंतु विद्युत विभाग के अधिकारी उनकी कोई भी बात सुनने को तैयार नही हुए। चूंकि विभागीय अधिकारी पहले भी गांव वालों को काफी समय दे चुके है और अब उनके उपर वसूली का ज्यादा दबाव है जिसके चलते बकायादारों की लाईट काटी गई है।
कहने को तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 60 दिन का समय देश की जनता से मांगा था पर शहरों को छोडक़र ग्रामीण इलाकों में नगदी की समस्या अभी भी जारी है और इसे दूर करने का प्रयास ईमानदारी से नही हो पाने के चलते सर्वाधिक परेशान ग्रामीण इलाके के गरीब किसान तथा क्षेत्र की जनता हो रही है चूंकि उनके पास रोजी रोटी का जरिया उनके खेत है और अनाज बेचने के बाद ही उनके पास पैसे को जुगाड हो पाता है अब चैक तथा कैशलेस के नये नियमों के चलते परेशान किसान व ग्रामीण बैंक के चक्कर लगा-लगाकर हलाकान है और इनकी समस्या निरंतर बढ़ते जा रही है। रायगढ़ जिले की अगर हम बात करें तो नोट बंदी के बाद से कई घटना घटी जिसमें सरिया क्षेत्र के एक गरीब किसान के द्वारा 4-5 दिनों तक बैंक का चक्कर काटने के बावजूद उसे दूसरे प्रांत में फंसे अपने बेटे के पास पैसे नही भेज पाने से दुखी किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, खरसिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवागांव के ग्रामीण बैंक के कर्जदार हो गये, रायगढ़ शहर के पूर्वांचल क्षेत्र स्थित ग्राम लोईंग में एक किसान अपनी बेटी को नौकरी के लिये इंटरव्यूह में भेजने के लिये पैसे निकालने बैंक की चक्कर लगता रहा परंतु उसे पैसे नही मिल सके और उसकी बेटी उस नौकरी से वंचित रह गई। इतना ही नही कई किसान तो आज भी अपनी धान की फसल बेचने के बाद भी नगदी देखने को तरस गये है और इसी के चलते उनकी पूरी गृहस्थी लगभग चौपट हो गई है। अब नोट बंदी का एक और ताजा मामला ग्राम बनसिया में सामने आया है इस गांव के ग्रामीण अपना बिजली बिल नही पटा सके नतीजन विद्युत विभाग के द्वारा इस गांव के कई घरों की विद्युत लाईन काट दी गई है। विद्युत विभाग ग्रामीण इलाकों में बकायदारों के खिलाफ बडा अभियान चला रहा है और ऐसे बडे बकायादारों वाले गांव के कई घरों की बिजली काट दी गई है और बीते 20 दिनों से घरों की बिजली से कटने से ग्रामीण व किसान अपना बकाया बिजली बिल इसलिये नही पटा पा रहें है क्योंकि उनके पास मोटी रकम नही है और बिजली विभाग उन्हें और मौका भी नही दे रहा है। परेशान किसान व ग्रामीण अब थक हारकर अपने घरों में बैठे हुए है और इनके बच्चे भी अपनी शिक्षा में आने वाली रूकावट को लेकर परेशानी बताई है। चूंकि परीक्षा का समय नजदीक आने के चलते उनकी आगे की तैयारी भी लगभग ठप्प सी हो गई है जिसके चलते उनका भविष्य भी अंधकारमय होने को है। यहां यह बताना भी लाजमी होगा कि पिछले कुछ वर्षो से रायगढ़ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र ही बोर्ड की परीक्षाओं में टॉप करते आ रहें है मगर इस बार बिजली की समस्या से उनके भविष्य की तैयारियों पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। दूसरी तरफ नोट बंदी के इस बडे असर को देखने के बाद भी जिले के नेता अधिकारी मौन वत्र साध चुके है और किसी को इतना समय नही है कि परेशान ग्रामीणों को उनकी समस्या से निजात दिलाने की पहल हो सके।
एकलबत्ती कनेक्शन फिर भी कार्रवाई
हमारे संवाददाता को मिली जानकारी के अनुसार करीब 500 से भी अधिक अबादी वाले इस गांव में जिन घरों की बिजली काटी गई है। उनमें से अधिकतर घर एकल बत्ती कनेक्शन से चलते आ रहे थे और अचानक घरों को बिल ज्यादा आने के चलते वे किसान परेशान थे और नोटबंदी के चलते उन्हें अपने धान को बेचने के बावजूद पैसे नही मिलने के चलते बिल का भुगतान नहीं कर सकें और विद्युत विभाग के द्वारा उनकी लाईन काट दी गई है और आज यह परिवार अंधेरे में जीवन जी रहा है।


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