अंतरराष्ट्रीय कांफें्रस में शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए महत्वपूर्ण शोध-पत्र
एमिटी यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा कैंपस में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफें्रस का समापन हुआ

ग्रेटर नोएडा। एमिटी यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा कैंपस में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफें्रस का समापन हुआ। इस अवसर पर इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर के यूके चैप्टर प्रेजिडेंट माइक हिंची मुख्य अतिथि रहे।
उन्होंने सॉफ्टवेयर तकनीक के विभिन्न चरणों के बारे में भिन्न-भिन्न उदाहरणों के माध्यम से बताया। छात्रों एवं शोधार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अभी तकनीक में बहुत सारे शोध होने हैं। उन्होंने नासा में चल रहे विभिन्न शोध कार्य एवं प्रयोग में आ रही नई तकनीकों के बारे में प्रेजेंटेशन देकर सभी को अवगत कराया। प्रो. हिंची ने नासा द्वारा अंतरिक्ष में किए जा रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स से भी सभी को अवगत कराया। मदनमोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय के वाईस चांसलर प्रो. एसएन. सिंह ने सभी को शोध कार्यों की शुचिता के बारे में अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि अब रिसर्च व सभी समस्याओं के हल के लिए सबसे आवश्यक है क्यों। जब हम सभी समस्याओं के बारे में सोचेंगे कि क्यों आई ये समस्या तभी हम उसे हल कर पाएंगे। एमिटी के ग्रुप वाईस चांसलर प्रो(डॉ.) गुरिंदर सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे कांफें्रस लगातार होते रहने चाहिए जिससे हम लगातार रिसर्च के लिए हमेशा काम करते रहे। उन्होंने बताया कि एमिटी समूह लगातार रिसर्च के लिए कार्य कर रहा है तथा वो भारत में सबसे ज्यादा पेटेंट फाइल करने वाली यूनिवर्सिटी बन गई है। संस्थान के महानिदेशक (वोकेशनल ट्रेनिंग एवं स्किल डेवलपमेंट) लेफ्टिनेंट जनरल जे सिकंद लेफिन्टेन्ट जनरल जे सिकन्द ने बताया कि किताबी ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण है नयी स्किल्स। इस अवसर पर मुख्य रूप से वाईस प्रेजिडेंट ऐ के चौधरी, डीन प्रोफेसर जे एस जस्सी, ब्रिगेडियर एच एस धानी, अनीश गुप्ता एवं प्रोफेसर विनय, प्रतीक एवं अनेको शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।


