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जहाँ से निलंबन वही पर हो बहाली,बहाल करते समय स्थानांतरण करना गलत-हाई कोर्ट

बिलासपुर ! निलंबन से बहाल करते समय व्यायाम शिक्षक को अन्यत्र स्थानांतरण करने के आदेश को उच्च न्यायालय ने निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता को उसी स्थान पर बहाल करने का निर्देश दिया।

जहाँ से निलंबन वही पर हो बहाली,बहाल करते समय स्थानांतरण करना गलत-हाई कोर्ट
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बिलासपुर ! निलंबन से बहाल करते समय व्यायाम शिक्षक को अन्यत्र स्थानांतरण करने के आदेश को उच्च न्यायालय ने निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता को उसी स्थान पर बहाल करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता अनिल श्रीवास्तव व्यायाम शिक्षक के पद पर षासकीय बालक उच्चत्तर माध्यमिक विघालय पत्थलगांव में कार्यरत थे उनको मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जशपुर द्वारा 30.09.2014 को निलंबित कर दिया गया। याचिकाकर्ता ने उसके विरूद्ध निलंबन को गलत बताते हुए बहाल करने के लिए अभ्यावेदन प्रस्तुत किया। उक्त अभ्यावेदन पर विचार करने के पश्चात् याचिकाकर्ता को निलंबन से बहाल कर दिया गया किंतु निलंबन से बहाल करते समय याचिकाकर्ता को षासकीय बालक उच्चत्तर माध्यमिक वि़द्यालय पत्थलगांव से शासकीय बालक उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय तमता में कर दिया गया, जिसे उसने हाईकोर्ट में अजय श्रीवास्तव अधिवक्ता के माध्यम से चुनौती दी एवं बताया कि निलंबन से बहाल करते समय कर्मचारियों को उसी स्थान पर बहाल किया जाना चाहिये जहां से निलंबित हुए है एवं बहाल करते समय स्थानंातरण का अधिकार नहीं है इस प्रकरण में याचिकाकर्ता निलंबन के समय शासकीय बालक उच्चत्तर माध्यमिक शाला पत्थलगांव में पदस्थ था इस कारण उसे अन्य स्कूल शासकीय बालक उच्चत्तर माध्यमिक शाला तमता में स्थानांतरित किया जाना गलत है सुनवाई पश्चात् न्यायमूर्ति एम0एम0 श्रीवास्तव ने निर्णित किया कि निलंबन से बहाल करते समय स्थानांतरण नहीं किया जा सकता एवं याचिकाकर्ता को उसी स्थान पर पदस्थापना दिये के निर्देश दिये जहां से वह निलंबित हुआ है।
सरपंच की बर्खास्तगी पर रोक
सरपंच की बर्खास्तगी पर आज हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए पंचायत विभाग के सचिव सहित जिला कलेक्टर जिला,जनपद सीईओ व शिकायत कर्ता को नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया।
जानकारी के अनुसार मस्तूरी सरपंच सुनीता सारथी के खिलाफ स्थानीय निवासी ईश्वर सिंह ने एसडीओ राजस्व से यह कहते हुए शिकायत की कि सरपंच द्वारा मनमानी की जाती है और शासकीय राशि की दुरूपयोग की जा रही है शिकायत पर एसडीओ राजस्व ने बिना जांच किए पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत सरपंच को बर्खास्त कर दिया पीडि़ता ने अधिवक्ता मतीन सिद्दिकी के के माध्यम हाईकोर्ट में याचिका दायर की और अधिवक्ता ने पंचायत राज अधिनियम कि धारा 40 के अनुसार हाईकोर्ट को बताया कि पीडि़ता को बिना जांच किए ही बर्खास्त कर दिया गया जबकि नोटिस के साथ ही पीडि़त को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना था। इस पर हाईकोर्ट ने पीडि़ता के बर्खास्तगी पर रोक लगाते हुए पंचायत विभाग के सचिव सहित जिला कलेक्टर जिला व जनपद सीईओ व शिकायतकर्ता ईश्वर सिंह को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया।


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