आशमन की चित्रकारी उसके कलाकार होने की पहचान : साधना
'प्योर इन्नोसेंस शीर्षक पर आधारित मास्टर आशमन द्वारा बनाए गए चित्रकारी की प्रस्तुति संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के कला विथिका में रखा गया।

रायपुर। 'प्योर इन्नोसेंस शीर्षक पर आधारित मास्टर आशमन द्वारा बनाए गए चित्रकारी की प्रस्तुति संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के कला विथिका में रखा गया। इस प्रदर्शनी में उनकी 100 से अधिक पेटिंग लगाई गई है। आशमन की मौलिक चित्रकारी की प्रदर्शनी 19 मार्च तक चलेगी। इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी की मुख्य अतिथि सुश्री साधना ढांढ के करकमलों द्वारा दीपप्रजवल्लित कर आरंभ किया गया।
मात्र 8 वर्षीय इस बालक के सृजन को सुश्री साधना ढांढ ने कला का उत्तम माध्यम बताते हुए कहा कि कलाकार को अपनी प्रतिभा दर्शाने के लिए शिक्षक की आवश्यकता नहीं। इस कथन को आशमन ने सिद्ध कर दिया। एचएन गोयल स्कूल का यह विद्यार्थी चित्रकारी के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी प्रतिभावान है।
प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह की विशिष्ट अतिथि प्रिसंपल श्रीमती कल्पना चैधरी ने कहा कि आशमन अपने एकेडमिक के साथ-साथ चित्रकारी की कला में अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। विदित हो कि मास्टर आशमन के पिता राजेश व्यास छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनीज में मुख्य सर्तकता अधिकारी के पद पर पदस्थ है। उन्होनें बताया कि यह शहर का पहला ऐसा चित्रकारी प्रदर्शनी है, जिसमें बाल चित्रकार की 100 से अधिक पेंटिग जनसमुदाय के अवलोकनार्थ प्रदर्शित की गई है ।
अपनी पेटिंग में बच्चों के सुपर हीरो से लेकर फाइटिंग जट, रोबोमैन, एलियन की आकृतियां दी हैं। आशमन ने उनमें रंगों का समन्वय बहुत ही अच्छे ढंग से किया है। उन्होंने बच्चों के मन में उठने वाले विचारों को आकार देने की कोशिश की है। उन्होंने चांद-सितारों के माध्यम से बच्चों के अविरल विचार क्षमता को दिखाने का अनूठा प्रयास किया है।


