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'बहू भी बेटी बन सकती है', इस अवधारणा पर विश्वास करती हूं: मानसी जोशी रॉय

एक्ट्रेस मानसी जोशी रॉय अपकमिंग शो 'क्योंकि... सास मां, बहू, बेटी होती है' में मजबूत इरादों वाली महिला अंबिका की भूमिका निभाती नजर आएंगी

बहू भी बेटी बन सकती है, इस अवधारणा पर विश्वास करती हूं: मानसी जोशी रॉय
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मुंबई। एक्ट्रेस मानसी जोशी रॉय अपकमिंग शो 'क्योंकि... सास मां, बहू, बेटी होती है' में मजबूत इरादों वाली महिला अंबिका की भूमिका निभाती नजर आएंगी। वह कहती हैं कि उनका करेक्टर यूनिक है। उसके विचार और कार्य पथ-प्रदर्शक हैं।

मानसी कहती हैं, ''मेरा किरदार अंबिका राजगौर वास्तव में यूनिक है, और उसके विचार और कार्य पथ-प्रदर्शक हैं। वह अपने समय से आगे की सोचती है। दिलचस्प बात यह है कि अंबिका एक लड़की को बड़ी होने पर बहू बनाने के इरादे से गोद लेती नजर आएंगी।"

उन्होंने आगे कहा, ''ऐसा इसलिए है क्योंकि अंबिका एक ऐसी लड़की है जो अपने परिवार से बहुत प्यार करती है और उसका मानना है कि केवल सही मूल्यों के साथ पली-बढ़ी एक बहू ही अपने परिवार को एक साथ रख सकती है। उसका मानना है कि अगर वह केसर में प्यार से इन मूल्यों को बढ़ावा देगी, तो वह बड़ी होकर उस तरह की बहू बनेगी, जिसकी परिवार को जरूरत है।''

एक्ट्रेस ने कहा, "मुझे सच में लगता है कि शो की अवधारणा वास्तव में यूनिक है और यह एक ऐसा विषय है जिसे टीवी पर नहीं देखा गया है, और मुझे यकीन है कि दर्शक कहानी और इसके पात्रों से जुड़ेंगे।"

''क्योंकि... सास मां, बहू बेटी होती है' की कहानी गुजराती परिवार की है। पालनपुर के राजगौर परिवार नवरात्रि उत्सव मना रहा होता है, लेकिन इस बीच सबसे छोटी बहू हेतल अलग होने की मांग करती है। छोटी बहू की इस मांग से अंबिका के परिवार को जोड़कर रखने के सपने बिखर जाते है। अंबिका, अपने परिवार के अनाथालय के दरवाजे पर छोड़ी गई एक बच्ची केसर को गोद लेती है और उसे बेटी के रूप में नहीं बल्कि एक बहू के रूप में पालने की कसम खाती है।''

उन्होंने आगे कहा, ''मैं अपने किरदार से पूरी तरह मेल खाती हूं क्योंकि मैं ऑफ-स्क्रीन भी एक बहू हूं। उनके इस विश्वास, 'बहू भी बेटी बन सकती है' के अनुरूप पारिवारिक जीवन मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।''

''अगर हम स्क्रीन पर एक गुजराती कुलमाता की भूमिका निभाने की बात करें, तो मैं पहले से ही एक गुजराती महिला हूं, इसलिए मुझे बस अपने जीवन और अनुभवों से सांस्कृतिक बारीकियों को प्रदर्शित करना था। दरअसल, यह पहली बार है जब मैं टीवी पर एक गुजराती किरदार के रूप में नजर आऊंगी, इसलिए मैं वास्तव में इसका इंतजार कर रही हूं और मुझे उम्मीद है कि मुझे अपने फैंस का प्यार और समर्थन मिलेगा।''

'क्योंकि...सास मां, बहू बेटी होती है' जी टीवी पर प्रीमियर के लिए पूरी तरह तैयार है।


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