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स्वच्छता अभियान का मजाक उड़ा रहा सकराली का शासकीय स्कूल

डभरा-जांजगीर । देश भर में प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। मगर डभरा विकासखण्ड के सकराली के स्कूल में इस अभियान को लेकर शिक्षा विभाग की उदासीनता इस कदर है

स्वच्छता अभियान का मजाक उड़ा रहा सकराली का शासकीय स्कूल
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छात्र-छात्राओं के लिए पृथक शौचालय तो दूर विकलांगो के लिए रैंप की भी नहीं व्यवस्था

डभरा-जांजगीर । देश भर में प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। मगर डभरा विकासखण्ड के सकराली के स्कूल में इस अभियान को लेकर शिक्षा विभाग की उदासीनता इस कदर है कि बरर्सो पुराना शौचालय ध्वस्त हो चुका है। वहीं बालक व बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक शौचालय तो दूर दिव्यांगो के लिए रैप भी नहीं बनाया गया है। करीब 100 की दर्ज संख्या वाले इस स्कूल में पढऩे वाले छात्र-छात्राएं अभी भी खुले में शौच करने मजबूर है। डभरा क्षेत्र के ग्राम सकराली में संचालित शासकीय उन्नयन पूर्व माध्यमिक विद्यालय सकराली पारा (ड) में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस विद्यालय में अध्ययन्रत 100 बालक-बालिकाओं के लिए एक भी शौचालय तक नहीं बना है। शासकीय उन्नयन पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आज तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। विद्यालय में सन् 2010-11 में ठेकेदार द्वार शौचालय का निर्माण किया गया था जो जर्जर हो चुका है और आज तक उपयोग तक नहीं हुआ है। शौचालय भवन के दरवाजे टूट चुके है और खास बात यह है कि शौचालय में 2 दरवाजे लगाया गया है परन्तु शौचालय में 2 सीट भी लगाया है मगर दिवाल नहीं उठाया गया है बालक-बालिका का शौचालय एक ही कमरें में है आज तक इस शौचालय का उपयोग नहीं हुआ। एक ही कमरे में छात्र-छात्राओं के लिए यही हाल दिव्यांगो के लिए शौचालय नहीं है। सन् 2010-11 में ठेकेदार द्वारा बनाया गया है शौचालय में सीट एंव गड्डे तक नही बनाया गया। ठेकेदार द्वारा शौचालय की राशि हड़प ली गई। शासकीय उन्नयन पूर्व माध्यमिक शाला सकराली पारा (ड) के विघालय में शौचालय नहीं बना है जिस कारण बालक बालिकाएं शौच के लिए खुले मैदान में बहार जाते है यहां प्रसाधन तक भी नहीं बना हैं। एक तरह केन्द्र एंव राज्य सरकार विघालय में एंव गांवो में स्वच्छ भारत मिशन के तरह शौचालय बनाने की बात कह रही है परन्तु यहां उल्टा साबित हो रही है बच्चो के लिए शौचालय तक नसीब नहीं है विद्यालय में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं खुले में शौच करने के लिए विवश है। स्वच्छ भारत मिशन योजना की रोशनी आज तक सकराली (ड) के विद्यालय तक नही पहुंची है, तो गांवो की हर घर में शौचालय की कल्पना करना बेईमानी होगी। जबकि विद्यालय में बालक बालिकाओं एवं दिव्यांगों के लिए अलग अलग शौचालय की जरूरत है। मगर आज तक इस विद्यालय में शौचालय तक नहीं है। शासकीय उन्नयन पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 100 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं जिसमें बालक 46 व बालिका 54 है और तीन शिक्षक पदस्थ है यहां प्रधान पाठक एवं अंग्रेजी विषय के शिक्षक की कमी है। तीन चार सालों से पद रिक्त है, फिर भी शासन-प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नही दिया जा रहा है।
विद्यालय में शौचालय नहीं है-प्रधान पाठक
इस संबंध में प्रभारी प्रधान पाठक राजकुमार खुंटे का कहना है कि विद्यालय में शौचालय नहीं है। जो पूर्व में निर्मित है, वह शौचालय जर्जर व बेकार है। उपयोग लायक नहीं है, इस बारे में कई बार विभागीय जानकारी में दिया जा चुका है। साथ ही मौखिक में जनप्रतिनिधियों अवगत करा चुके है।
मामले की जानकारी नहीं है-सीईओ
इस संबंध में जनपद पंचायत डभरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नितेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि इस विद्यालय में शौचालय नहीं है। इसकी जानकारी नहीं है। संबंधित विभाग से जानकारी लेकर उचित कार्रवाही कि जावेंगी।


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