Top
Begin typing your search above and press return to search.

आखिर कौन थीं मैरी मैग्डलीन?

मैरी मैग्डलीन की छवि कभी ‘ईसा के दूतों की दूत’ की रही, तो कभी वेश्या की. हाल ही में शुरू हुई एक नई प्रदर्शनी में उनकी इसी अनोखी कहानी को दिखाया गया है.

आखिर कौन थीं मैरी मैग्डलीन?
X

कभी ईसा की दूत, तो कभी वेश्या, कभी अपने गुनाहों पर रोने वाली औरत, तो कभी ईसा की बेहद करीबी राजदार, ईसाई धर्म के इतिहास के पन्नों में मैरी मैग्डलीन के न जाने कितने चेहरे दर्ज हैं..पुनर्जागरण काल से लेकर बारोक काल तक के कलाकारों, जैसे कि टिशियन, अल ग्रीको और जॉर्जेस डी ला टूर ने 16वीं और 17वीं शताब्दी में उन्हें अपने गुनाहों पर पश्चाताप करने वाली महिला के रूप में दिखाया. रेम्ब्रांट ने उन्हें ईसा के दोबारा जीवित होने के गवाह के तौर पर दिखाया. वहीं, ‘न्यू ऑब्जेक्टिविटी' आंदोलन के प्रतिनिधि मैक्स बेकमैन ने 1917 में उन्हें एक पापी यानी गुनाहगार के रूप में दिखाया. लगभग एक सदी बाद, लेडी गागा ने एक म्यूजिक वीडियो में मैरी मैग्डलीन का किरदार निभाया.


क्या नारीवादियों को सच में पुरुषों से नफरत होती है?

फ्रैंकफर्ट के श्टेडेल म्यूजियम में "मैरी मैग्डलीन: सिन. प्रे. लव” प्रदर्शनी के क्यूरेटर बास्टियन एक्लेर्सी ने कहा, "मैरी मैग्डलीन शायद बाइबल की सबसे बहुआयामी और रहस्यमयी शख्सियत हैं और यूरोपीय सांस्कृतिक इतिहास में भी सबसे रहस्यमयी हस्तियों में से एक हैं. कला के इतिहास में उन्हें अनगिनत बार दिखाया गया है.”

मैरी मैग्डलीन के बारे में कितना जानते हैं हम?

बाइबल में मैरी मैग्डलीन के बारे में बहुत कम जानकारी मिलती है, लेकिन इसके बावजूद न्यू टेस्टामेंट में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है. गॉस्पेल (ईसा मसीह के जीवन पर लिखे गए शुभ समाचारों) के मुताबिक, ईसा मसीह ने उन्हें सात बुरी आत्माओं (शैतानों) से मुक्त कराया था. वह हमेशा ईसा के साथ रहीं और उन्हें सूली पर चढ़ाए जाने और दफनाए जाने की गवाह बनीं. ईस्टर की सुबह, उन्होंने ही खाली कब्र देखी और ईसा के दोबारा जीवित होने की पहली गवाह बनीं. इसके बाद, उन्होंने ईसा के शिष्यों तक उनके जी उठने का संदेश पहुंचाया.

एक्लेर्सी बताते हैं, "इसके बाद, उन्हें ‘अपोस्टुला अपोस्टुलोरम' कहा गया, यानी ‘ईसा के दूतों की दूत'. इससे उन्हें मुक्ति के इतिहास में बहुत ही अहम भूमिका मिलती है.” लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती है.

लगभग 600 ईस्वी के आसपास, पोप ग्रेगरी द ग्रेट ने बाइबल में उल्लिखित दो अन्य महिलाओं के साथ मिलाकर मैरी मैग्डलीन की छवि को हमेशा के लिए बदल दिया. उन्होंने मैरी को गॉस्पेल ऑफ ल्यूक की उस गुमनाम ‘पापी' औरत (जिसने जीसस के पैर धोए थे) और बेथानी की मैरी (जिसने भी उनके पैर धोए थे) से जोड़ दिया.

पोप ने दावा किया कि मैरी मैग्डलीन से निकाली गई सात दुष्टात्माएं असल में सात महापापों का प्रतीक थीं. उनके उपदेश ने मैरी मैग्डलीन की छवि को एक ऐसी वेश्या के रूप में बनाने में अहम भूमिका निभाई जिसे अपने किए पर पछतावा था, जबकि बाइबिल में इस बात का कोई सबूत नहीं है.

कहा जाता है कि मैरी मैग्डलीन के अवशेष फ्रांस में हैं

मध्य युग के उत्तरार्ध में एक किंवदंती प्रचलित हुई कि मैरी मैग्डलीन को लाजरस और अपने साथियों के साथ भूमध्य सागर में एक नाव पर लावारिस छोड़ दिया गया था. कहा जाता है कि ईश्वरीय मदद से वह फ्रांस के प्रोवेंस तट पर पहुंचीं. यहां उन्होंने पहले तो लोगों के बीच गॉस्पेल का प्रचार किया और फिर करीब 30 सालों तक एक गुफा में तपस्या करती रहीं.

आज के दौर में भी फ्रांस के दो शहर यह दावा करते हैं कि मैरी मैग्डलीन के अवशेष उनके यहां मौजूद हैं: एक बरगंडी का वेजेले और दूसरा प्रोवेंस का सेंट-मैक्सिमिन-ला-सेंट-बॉम.

फिर 16वीं सदी आते-आते, सुधार आंदोलन और पुनर्जागरण दौर ने सोच में बदलाव लाया. विद्वानों ने उन तीनों अलग-अलग औरतों को एक ही मान लेने की बात का विरोध करना शुरू कर दिया. हालांकि, इस गलतफहमी को पूरी तरह से दूर होने में 1962 से 1965 का समय लग गया, जब सेकंड वेटिकन काउंसिल के दौरान रोमन कैथोलिक चर्च के नियमों में बड़े बदलाव किए गए. इसके बाद, आधिकारिक तौर पर मैरी मैग्डलीन को उस अनजान ‘पापी' औरत से अलग माना गया.

एक्लेर्सी ने कहा, "इतिहास में उन्हें कई तरह की भूमिकाओं में दिखाया गया है और ये भूमिकाएं अक्सर एक-दूसरे से अलग या विरोधाभासी रही हैं. इसी वजह से, हर दौर और हर शैली के कलाकारों के लिए वे हमेशा से आकर्षण और चुनौती का विषय रही हैं.”

गॉस्पेल ऑफ मैरी के जरिए एक अलग छवि

आधुनिक समय में ‘गॉस्पेल ऑफ मैरी' की दोबारा खोज के साथ, मैरी मैग्डलीन की छवि में एक नया बदलाव आया. इस ग्रंथ को बाइबल के मुख्य हिस्से में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन इसमें उन्हें ईसा मसीह की एक बहुत ही खास और करीबी सहयोगी के रूप में दिखाया गया है. इससे उनके किरदार को लेकर जारी बहस ने एक नया मोड़ ले लिया है.

आज उन्हें शुरुआती ईसाई धर्म की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में से एक और नारीवादी धर्मशास्त्र (फेमिनिस्ट थियोलॉजी) की एक मुख्य हस्ती के रूप में देखा जाता है. एक्लेर्सी बताते हैं, "खासकर पिछले कुछ दशकों में, वे आम महिलाओं और महिला दर्शकों के लिए एक मिसाल बनकर उभरी हैं. लेकिन उससे भी बढ़कर, वे आज की महिला कलाकारों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा हैं, जो उनमें एक ऐसी औरत को देखती हैं जो अपनी जिंदगी अपनी मर्जी और अपनी शर्तों पर जीती है.” लेडी गागा ने अपने 2011 के वीडियो ‘जुडास' में मैरी मैग्डलीन का किरदार निभाया था. इसे उन्होंने उस समय ट्विटर (अब एक्स) पर ‘मेरे करियर का सबसे रोमांचक कलात्मक पल' लिखा था.

फ्रैंकफर्ट प्रदर्शनी में मैरी मैग्डलीन की 100 से ज्यादा तस्वीरें दिखाई गई हैं. इनमें सबसे नई तस्वीर स्पेनिश कलाकार नीव्स गोंजालेज की है, जो 2025 में पूरी हुई थी: ‘ला स्फिडा' (द चैलेंज). यह तस्वीर लगभग उन सभी पारंपरिक धारणाओं व विशेषताओं को सिरे से खारिज करती है जिन्हें पिछली सदियों के कलाकारों ने मैरी मैग्डलीन से जोड़ा था. जहां पहले वह पश्चाताप करते हुए आसमान की ओर देखती थीं, वहीं इस चित्र में यह महिला आत्मविश्वास भरी नजरों से नीचे दर्शकों की ओर देखती हैं. उनके बाल आमतौर पर खुले और बिखरे रहते थे, जो उनके पापी अतीत की ओर इशारा करते थे.

वहीं, इस तस्वीर में वे बाल गले के चारों ओर दुपट्टे की तरह सलीके से लिपटे हुए हैं. और जहां आम तौर पर शरीर का काफी हिस्सा खुला दिखता था, वहां अब उनका शरीर लाल रंग के मोटे कोट में ढका हुआ है. उनके हाथों में खूनी गहरे लाल रंग की खोपड़ी है, जो सदियों से नश्वरता का प्रतीक रही है. यह इशारा साफ तौर पर उनकी ताकत को दिखाता है.

अब मैरी मैग्डलीन को कैथोलिक चर्च के भीतर आधिकारिक रूप से बराबरी का दर्जा भी मिल गया है. 2016 में, पोप फ्रांसिस ने 22 जुलाई को मनाए जाने वाले उनके धार्मिक उत्सव का दर्जा ‘मेमोरियल' (यादगार दिन) से बढ़ाकर ‘फीस्ट' (बड़ा उत्सव) कर दिया. इससे धर्म में उनका कानूनी और धार्मिक दर्जा पुरुष दूतों के बराबर हो गया. यह मैरी मैग्डलीन की शानदार जीवन कहानी का एक और अध्याय है और शायद यह आखिरी अध्याय नहीं होगा.


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it