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हिन्दी हमारे सपनों की भाषा है: जैन

एम एम एच कालेज में आज हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी विभाग एवं साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के तत्वावधान में दैनंदिन जीवन में हिंदी के प्रयोग शीर्षक से एक कार्यशाला संगोष्ठी का आयोजन किया गया

हिन्दी हमारे सपनों की भाषा है: जैन
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गाजियाबाद। एम एम एच कालेज में आज हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी विभाग एवं साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के तत्वावधान में दैनंदिन जीवन में हिंदी के प्रयोग शीर्षक से एक कार्यशाला एवं ग्लोबल गाँव में हिन्दी शीर्षक से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में छात्रों एवं शिक्षकों ने रोजमर्रा के जीवन में हिंदी के इस्तेमाल पर अपने विचार साझा किए। संगोष्ठी में अध्यक्षता कर रहीं वरिष्ठ कवयित्री डा. रमा सिंह ने कहा कि हम हिंदी के वैश्विक प्रयोग की नींव रख रहे हैं। वहां हमारी स्वीकार्यता भी बढ़ी है और संख्या भी। सरकार भी राष्टï्र निर्माण में भाषा के महत्व को समझ कर सक्रिय है।

इसके पूर्व अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली से आए डा. अवधेश ने कहा कि हिन्दी को अपने क्षेत्रीय रूप बचाते हुए अन्य भाषाओं के साथ आगे बढना होगा। इसमें अंग्रेजी के रूदन की आवश्यकता नहीं। डा. मृत्युंजय ने कहा कि सत्ता और पावर भाषा के प्रयोग को तय करती है। यही नौकरी, अकादमीय और सोशल मीडिया की भाषा को नियमित करती है। प्राचार्य डा. एम के जैन ने कहा कि हिंदी हमारे सपनों की भाषा है इसी में हम खुद को स्वाभाविक रूप से अभिव्यक्त कर पाते हैं। कार्यक्रम का संचालन डा. क्रांति बोध एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. अरुणलता वर्मा ने किया।


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