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मंडी छात्रा हत्या पर जयराम ठाकुर का सरकार पर तीखा हमला

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिले के सरकाघाट में एक छात्रा की निर्मम हत्या को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है

मंडी छात्रा हत्या पर जयराम ठाकुर का सरकार पर तीखा हमला
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कानून-व्यवस्था बिगड़ी, हिमाचल में बढ़ते अपराधों पर सवाल

  • नशे की समस्या को बताया हत्या की जड़, ठोस कदम की मांग
  • पीड़ित परिवार से मिले ठाकुर, कहा– हर बेटी की सुरक्षा दांव पर

शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिले के सरकाघाट में एक छात्रा की निर्मम हत्या को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट उदाहरण है।

श्री ठाकुर ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक कॉलेज छात्रा की तेजधार हथियार से हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है और लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने इसे "अलग-थलग घटना" नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था के पतन का संकेत बताया।

श्री ठाकुर ने बताया कि वह पीड़ित परिवार से मिले हैं और उनके दुख को साझा किया। उन्होंने कहा, "पिता ने सुबह अपनी बेटी से बात की थी और कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर मिली-यह बेहद दर्दनाक है।"

आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन उन्होंने मामले की समयबद्ध और व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि यह भी देखा जाए कि आरोपी अकेला था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है। नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआती संकेत पदार्थ दुरुपयोग से जुड़े हो सकते हैं, जो एक बड़ी समस्या की ओर इशारा करता है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि नशा मुक्ति और पुनर्वास के लिए ठोस कदम क्या उठाए गए हैं।

उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 6200 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं और 66 लोगों की ओवरडोज से मौत हुई है। इसके साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि को उन्होंने "गंभीर चिंता" का विषय बताया।

उन्होंने सरकार की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी कोई संवेदनशील प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। श्री ठाकुर ने क्षेत्र में खराब सड़कों और परिवहन सुविधाओं का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रा को सार्वजनिक परिवहन तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी, जिससे उसकी असुरक्षा बढ़ी।

उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि हर बेटी की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है और सरकार को इस मामले में ठोस कदम उठाने चाहिए।


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