हिमाचल के अर्की बाजार में भीषण आग, मासूम की मौत और कई घायल
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 38 किलोमीटर दूर अर्की बाज़ार में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में एक आठ साल के बच्चे की मौत हो गयी और कई अन्य लोग जख्मी हो गये

लकड़ी की इमारत में लगी आग ने मचाई तबाही, दुकानों-घरों को भारी नुकसान
- सिलेंडर धमाकों से भड़की आग, राहत-बचाव में जुटा प्रशासन
- एसडीआरएफ तैनात, सुरक्षा चूक की जांच के आदेश जारी
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 38 किलोमीटर दूर अर्की बाज़ार में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में एक आठ साल के बच्चे की मौत हो गयी और कई अन्य लोग जख्मी हो गये।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अर्की बाज़ार के भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित एक पुरानी लकड़ी की इमारत में आग तड़के करीब 02:45 बजे लगी। लकड़ी की इमारत होने के कारण आग तेज़ी से फैल गई और आसपास की दुकानों और रिहायशी हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के लिए अर्की के दमकल विभाग की दमकल की गाड़ियों के साथ शिमला जिले के बोइलेउगंज, सोलन जिले के बनलागी और अंबुजा सीमेंट संयंत्र से अतिरिक्त गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।
उन्होंने बताया कि घटना में दुकानों और रिहायशी इमारतों को भी काफी नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज़ी से पूरा करने का आदेश दिया है तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने की घोषणा की है।
उपायुक्त ने घटना में आठ साल के प्रियांश की दुखद मौत की पुष्टि की और कहा है कि शोक संतप्त परिवार को तत्काल सहायता दी गयी है। उन्होंने बताया कि नौ लोग लापता हैं और दो जख्मी लोगों का अर्की के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी ज़रूरी मेडिकल और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने अर्की के उप विभागीय प्रशासन को राहत और बचाव कार्य में तेज़ी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दमकल विभाग की समय पर कार्रवाई से आग को और फैलने से रोकने में मदद मिली, जिससे नुकसान कम हुआ। आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि बचाव और सफाई अभियान अभी भी जारी है।
इस बीच राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को मौके पर तैनात किया गया। चश्मदीदों ने आरोप लगाया कि आग लगने के दौरान करीब सात एलपीजी सिलेंडर फट गए और बाज़ार इलाके में रखे डीज़ल और पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों ने आग को और भड़का दिया। कई लोगों के जलने की खबर है और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ज़िला प्रशासन ने आग लगने के सही कारण का पता लगाने और संभावित सुरक्षा चूक की जांच के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।


