हिमाचल प्रदेश: युग हत्याकांड मामले में सजा पर फैसला 5 सितंबर तक टला
हिमाचल प्रदेश में शिमला की एक अदालत ने युग हत्याकांड में दोषी करार दिए गए तीन युवकों की सजा पर फैसला 5 सितंबर तक टाल दिया

शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिमला की एक अदालत ने युग हत्याकांड में दोषी करार दिए गए तीन युवकों की सजा पर फैसला 5 सितंबर तक टाल दिया।
जिला एवं सत्र न्यायालय में आज सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच चंद्र शर्मा, तेंजेंद्र सिंह और विक्रांत बख्शी को पेश किया गया। इन्हें 06 अगस्त को अदालत दोषी करार दे चुकी है। उसके बाद 13 अगस्त और 21 अगस्त को दोषियों की सजा पर सुनवाई हो चुकी है।
जहां युग के पिता विनोद कुमार गुप्ता और माता पिंकी गुप्ता ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है वहीं दोषियों के परिजनों ने अपनी उम्र और बीमारी का हवाला देकर नरमी बरतने का अनुरोध अदालत से किया है।
चार वर्षीय युग 14 जून, 2014 को लोअर बाजार से अचानक लापता हुआ था। जब काफी समय तक युग का पता नहीं चला तो राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंपी।
सीआईडी ने मामला सुलझाते हुए 20 अगस्त, 2016 को इस प्रकरण में पहली गिरफ्तारी की। उसके बाद दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सीआईडी के अनुसार युग की हत्या कर शव भराड़ी स्थित पेयजल टैंक में डाल दिया गया था।


