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तटीय और दक्षिण कर्नाटक में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालत

तटीय और दक्षिण कर्नाटक में यहां 15 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हुई

तटीय और दक्षिण कर्नाटक में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालत
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बेंगलुरू। तटीय और दक्षिण कर्नाटक में यहां 15 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हुई, जिससे नदियों में अत्यधिक पानी भर गया और क्षेत्र के गांवों और शहरों में बाढ़ जैसे हालत पैदा हो गए। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र के निदेशक जी. एस. रेड्डी ने आईएएनएस से कहा, "दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़ और उडुपी तटीय जिलों के साथ दक्षिण के दूरदराज के जिलों चिकमंगलुरू, कोडागु और शिवमोगा में भी भारी बारिश हुई है।"

गत 24 घंटे में दक्षिण कन्नड़ में सबसे ज्यादा 14.9 सेंटीमीटर बारिश हुई। वहीं उत्तर कन्नड़ में 10.5 सेंटीमीटर, उडुपी जिले में 7.8 सेंटीमीटर, शिवमोगा जिले में 9.4 सेंटीमीटर और कोडागु में 10.2 सेंटीमीटर बारिश हुई।

एक अधिकारी ने कहा, "भारी बारिश की वजह से, दक्षिण कन्नड़ में स्कूल और कॉलेज शनिवार को बंद रखे गए हैं।"

भारतीय मौसम विभाग के बेंगलुरू केंद्र से जारी मौसम परामर्श के अनुसार, "अगले तीन दिनों तक क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है।"

रेड्डी ने कहा, "बीते दो माह से बारिश होने से कावेरी बेसिन के जलाशय में क्षमता के अधिकतम स्तर तक पानी भर चुका है, और बारिश होने से नदियों का पानी बाहर निकल सकता है।"

उन्होंने कहा, "उत्तर केरल के वायनाड जिले में अत्यधिक बारिश की वजह से काबिनी जलाशय में अत्यधिक पानी जमा हो गया है, जिसे छोड़ना होगा, क्योंकि बांध में पहले से ही अत्यधिक पानी जमा है।"

मैसुरू जिले के उपायुक्त अभिराम जी. शंकर ने कहा, "शुक्रवार को काबिनी जलाशय से लगभग 80,000 क्यूसेक बारिश का पानी छोड़ा जा चुका है और केआरएस जलाशय से 59,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।"

शंकर ने आईएएनएस से कहा, "पानी छोड़े जाने के बाद जलाशयों के पास निचले इलाके में रह रहे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। पुलिस, अग्निशमन सेवा और जिले के अन्य अधिकारी लोगों की सहायता के लिए दिन-रात लगे हुए हैं।"

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तटीय और दक्षिण के दूरदराज के जिलों के किसानों को भारी बारिश के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। विभाग ने मछुआरों को भी कर्नाटक के तट पर तेज हवाओं के चलते अरब सागर में नहीं जाने की सलाह दी है।


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