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गुरुग्राम एनकाउंटर के बाद फिर चर्चा में आया गैंगस्टर दीपक नांदल, जानिए कैसे म्यूजिक इंडस्ट्री से अपराध की दुनिया तक पहुंचा
जांच एजेंसियों के अनुसार, दीपक नांदल हरियाणा का रहने वाला है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से विदेश में रहकर कथित तौर पर अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा है। पुलिस का कहना है कि वह सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर युवाओं को अपने गिरोह से जोड़ने तथा अपने सहयोगियों के संपर्क में रहने का प्रयास करता है।

गुरुग्राम: हरियाणा पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद कुख्यात गैंगस्टर दीपक नांदल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात गुरुग्राम के सुशांत लोक के ए-ब्लॉक क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान दीपक नांदल गैंग से जुड़े चार बदमाश मारे गए, जबकि एक अन्य घायल हुआ। मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन आरोपितों पर एक निजी विश्वविद्यालय के संस्थापक के बेटे के कथित अपहरण और फिरौती मांगने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने गैंग के नेटवर्क और उसके सरगना दीपक नांदल की गतिविधियों पर जांच तेज कर दी है।
विदेश से संचालित होता है गैंग का नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, दीपक नांदल हरियाणा का रहने वाला है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से विदेश में रहकर कथित तौर पर अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा है। पुलिस का कहना है कि वह सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर युवाओं को अपने गिरोह से जोड़ने तथा अपने सहयोगियों के संपर्क में रहने का प्रयास करता है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के बयानों में उसका संबंध संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों से जोड़ा गया है। हालांकि उसके वर्तमान ठिकाने को लेकर आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक नहीं की गई है।
म्यूजिक इंडस्ट्री से अपराध तक का सफर
दीपक नांदल का नाम कभी हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में भी जाना जाता था। वह म्यूजिक प्रोडक्शन, रैप और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़ा रहा। उसका नाम हरियाणवी गायक राहुल फाजिलपुरिया और रैपर बादशाह के साथ कई परियोजनाओं में सामने आया था। बताया जाता है कि वह लंबे समय तक राहुल फाजिलपुरिया के करीबी सहयोगी और ऑन-ग्राउंड मैनेजर के रूप में भी सक्रिय रहा। हालांकि बाद के वर्षों में उसका नाम लगातार आपराधिक मामलों में सामने आने लगा और वह कथित तौर पर अपराध जगत में सक्रिय हो गया।
2017 के विवाद के बाद बढ़ी पहचान
वर्ष 2017 में गुरुग्राम में राहुल फाजिलपुरिया से जुड़े ड्रंक एंड ड्राइव विवाद के दौरान दीपक नांदल सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन में सामने आया था। उस समय उसने मीडिया के सामने दावा किया था कि गायक शराब के नशे में नहीं थे। इसके बाद दोनों की नजदीकियों को लेकर काफी चर्चा हुई। वर्ष 2019 में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दीपक कलाल के साथ हुई मारपीट के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। उस घटना के संबंध में विभिन्न दावे किए गए थे, हालांकि प्रत्येक मामले में कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर आगे बढ़ी।
रंगदारी और धमकियों के मामलों में आया नाम
पिछले कुछ वर्षों में दीपक नांदल का नाम रंगदारी, फिरौती और संगठित अपराध से जुड़े कई मामलों में सामने आया। वर्ष 2025 में गायक राहुल फाजिलपुरिया पर हुए हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था और आर्थिक लेन-देन को लेकर आरोप लगाए गए थे। हालांकि उस समय पुलिस ने स्पष्ट किया था कि सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट की सत्यता की जांच की जा रही है और उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। इसी वर्ष अगस्त में राहुल फाजिलपुरिया के अकाउंटेंट रोहित शौकीन की गुरुग्राम में हत्या के मामले में भी दीपक नांदल का नाम मीडिया रिपोर्टों में सामने आया था। इस प्रकरण की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की गई थी।
2023 में देश छोड़ने का दावा
हरियाणा पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, दीपक नांदल पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों का दबाव लगातार बढ़ रहा था। पुलिस का कहना है कि वर्ष 2023 में वह भारत छोड़कर लंदन चला गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उसके खिलाफ विभिन्न मामलों में कार्रवाई जारी रही और उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में काम कर रही हैं।
जांच जारी, नेटवर्क पर पुलिस की नजर
गुरुग्राम मुठभेड़ के बाद हरियाणा पुलिस अब दीपक नांदल गैंग के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मारे गए बदमाशों के आपराधिक रिकॉर्ड, उनके संपर्कों और हाल की गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का मानना है कि संगठित अपराध पर प्रभावी कार्रवाई के लिए केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि विदेश से संचालित नेटवर्क और वित्तीय स्रोतों की भी जांच आवश्यक है। फिलहाल गुरुग्राम मुठभेड़ की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
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