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भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए डेरों के नाम पर दुकानें चल रही हैं: मासूम शर्मा

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने करनाल में आयोजित आर्य समाज सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान आर्य सभा केंद्र में उन्हें सम्मानित किया गया

भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए डेरों के नाम पर दुकानें चल रही हैं: मासूम शर्मा
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करनाल। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने बुधवार को करनाल में आयोजित आर्य समाज सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान आर्य सभा केंद्र में उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने धार्मिक पाखंड और खुद को भगवान बताकर लोगों को प्रभावित करने वाले बाबाओं के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने युवाओं और समाज के लोगों से ऐसे मामलों में जागरूकता फैलाने और पाखंडवाद के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील की।

मासूम शर्मा ने कहा कि आर्य समाज शुरुआत से ही समाज को जागरूक करने का काम करता आया है। आर्य समाज और ऋषि दयानन्द सरस्वती जी ने शुरू से ही पाखंड और गलत प्रथाओं का विरोध करते हुए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। आज भी यह काम जारी है, इसलिए सभी युवाओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे पाखंड के खिलाफ चल रही मुहिम में अपना योगदान दें। पाखंडवाद के खिलाफ विरोध और जागरूकता दोनों बढ़नी चाहिए। इस बारे में एक बैठक हुई है और सभी लोगों को इसमें अपना योगदान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके और नए-नए डेरों के नाम पर 'दुकानें' शुरू की जा रही हैं। लोगों से कहा जाता है कि किसी व्यक्ति को भगवान मान लें और बाकी सब चीजों, यहां तक कि माता-पिता को भी पीछे छोड़ दें। ऐसी प्रवृत्तियों के खिलाफ पूरे समाज और युवाओं को जागने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे लोगों को जागरूक करने में अपनी भूमिका निभाएं।

राजनीति में आने के सवाल पर मासूम शर्मा ने कहा कि फिलहाल राजनीति में आने की कोई इच्छा नहीं है। परमात्मा की दया से अपना काम बढ़िया चल रहा है। समाज का काम राजनीति में आकर भी किया जा सकता है और राजनीति से बाहर रहकर भी। राजनीति में आने के बाद आप अपने विचारों को उस तरह से प्रस्तुत नहीं कर पाते, जिस तरह इंडिविडुअली रहकर कर सकते हैं।

वहीं, नौजवानों से अपील करते हुए उन्होंने आगे कहा कि सभी को एक होकर इस पाखंडवाद के खिलाफ लड़ना चाहिए। मैं सभी नौजवानों से अपील करूंगा कि किताबें बांटें और जहां पाखंड दिखे वहां जूते मारो। जगह-जगह पाखंडियों के होर्डिंग-पोस्टर लगे हैं। प्रशासन को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। ये होर्डिंग बोर्ड हमारी टैक्स की कमाई से लगे हैं, गरीब आदमी


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