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मानेसर लैंड स्कैम में ईडी की बड़ी कार्रवाई, टीडीआई ग्रुप के चेयरपर्सन रविंदर तनेजा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोन-I ने गुरुग्राम के मानेसर जमीन घोटाला मामले में टीडीआई ग्रुप के चेयरपर्सन रविंदर तनेजा से जुड़े कारोबारी और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत चल रही जांच के सिलसिले में 28 सितंबर को की थी।

मानेसर लैंड स्कैम में ईडी की बड़ी कार्रवाई, टीडीआई ग्रुप के चेयरपर्सन रविंदर तनेजा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी
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चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोन-I ने गुरुग्राम के मानेसर जमीन घोटाला मामले में टीडीआई ग्रुप के चेयरपर्सन रविंदर तनेजा से जुड़े कारोबारी और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत चल रही जांच के सिलसिले में 28 सितंबर को की थी।

रविंदर तनेजा टीडीआई ग्रुप के चेयरपर्सन होने के साथ टीडीआई इंफ्राटेक लिमिटेड और टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड समेत समूह की कई कंपनियों के प्रबंध निदेशक हैं।

ईडी के अनुसार, मानेसर लैंड स्कैम की जांच सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। इस मामले में टीडीआई ग्रुप की अतुल बंसल और उनके एबीडब्ल्यूआईएल समूह की कंपनियों के साथ कथित लेन-देन को लेकर जांच की जा रही है।

ईडी की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2007 में मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों की 400 एकड़ से अधिक जमीन को राज्य सरकार की ओर से अधिग्रहण के लिए नोटिफाई किया गया था।

आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के डर के बीच निजी बिल्डरों और बिचौलियों ने किसानों से ये जमीन बेहद कम कीमत पर खरीद ली। बाद में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया समाप्त हो गई और अधिग्रहण का अवॉर्ड भी वापस ले लिया गया। इसके बाद बिचौलियों ने वही जमीन काफी ऊंची कीमतों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया।

ईडी ने इस मामले में रविंदर तनेजा के नेतृत्व वाले टीडीआई ग्रुप की भूमिका एक कथित बिचौलिए के रूप में चिन्हित की है।

जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2005 से 2007 के बीच इन तीन गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान टीडीआई ग्रुप ने इंडो एशियन कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, एनसीआर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और दिव्या ज्योति एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड का इस्तेमाल जमीन खरीदने के लिए किया।

आरोप है कि इन तीन कंपनियों के जरिए किसानों से करीब 33 एकड़ जमीन खरीदी गई और बाद में उसे अतुल बंसल समूह को ऊंची कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाया गया।

ईडी की तलाशी नई दिल्ली और एसएएस नगर स्थित परिसरों में तीन दिनों से अधिक समय तक चली। एजेंसी के अनुसार, इस दौरान टीडीआई ग्रुप की अन्य परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं और अवैध गतिविधियों से जुड़े कई रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

छापेमारी के दौरान ईडी ने दर्जनों परियोजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड और फाइलें अपने कब्जे में लीं। इसके अलावा डिजिटल डिवाइस, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और सर्वर भी जब्त किए गए हैं।

ईडी ने कुछ लग्जरी वाहनों को भी अपराध से अर्जित संपत्ति (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) के रूप में चिन्हित करते हुए जब्त किया है।

जांच एजेंसी के मुताबिक जब्त किए गए रिकॉर्ड, संदिग्ध संपत्तियों और टीडीआई ग्रुप की कंपनियों के वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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