हरियाणाः अंबाला में खेलते समय 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का बच्चा, बचाव कार्य जारी
हरियाणा के अंबाला जिले के धनौरा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक चार वर्षीय मासूम बच्चा निर्भय, खेलते समय खुले बोरवेल में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन, भारतीय सेना और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। पूरा देश और स्थानीय लोग मासूम की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।

अंबाला। हरियाणा के अंबाला जिले के धनौरा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक चार वर्षीय मासूम बच्चा निर्भय, खेलते समय खुले बोरवेल में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन, भारतीय सेना और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। पूरा देश और स्थानीय लोग मासूम की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।
अंबाला के डिप्टी कमिश्नर अजय तोमर ने मीडिया से बातचीत में कहा, "सुबह करीब 6:30 बजे घटना की सूचना मिली। निर्भय नाम का एक बच्चा, जिसकी उम्र करीब साढ़े तीन से चार साल है, अपने पिता को खाना देने आया था। जब उसके पिता काम में व्यस्त थे, तो बच्चा खेल रहा था और खेलते-खेलते करीब 9 इंच चौड़े खुले बोरवेल में गिर गया। हमारे अंदाजे के मुताबिक, बच्चा करीब 220 फीट की गहराई में फंसा हुआ है। हमारी इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और सेना व एनडीआरएफ की टीमें भी आ गई हैं।"
डिप्टी एसपी ने कहा, "एनडीआरएफ बच्चे को बचाने के लिए खास उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है, साथ ही सेना से भी भारी उपकरण मंगवाए गए हैं। अगर इससे भी सफलता नहीं मिलती है तो बगल में बोर खुदवाया जाएगा। हमारी पूरी कोशिश है कि बच्चे को सकुशल बाहर निकाला जाए। डॉक्टर की टीम भी मौके पर आ गई है, जो परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। जिसके बोरवेल में बच्चा गिरा है, उस पर कार्रवाई करने के लिए थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है।"
इसके पहले 16 मई को पंजाब के होशियारपुर में एक मासूम गुरकरण खेलते समय बोरवेल में गिर गया था। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें पहुंच गईं थी। बच्चे को करीब नौ घंटे की मशक्कत के बाद रात लगभग 12:40 बजे बोरवेल से सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली थी। बच्चे को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज किया गया थाा।


