हरियाणा: रोडवेज कर्मचारी 18 जनवरी को परिवहन मंत्री के आवास पर निकालेंगे न्याय मार्च
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चे के पूर्व में घोषित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार (30 दिसंबर) को सिरसा डिपो में गेट मीटिंग हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रधान रिछपाल सिंह संधू ने की थी

सिरसा में न्याय मार्च को लेकर गेट मीटिंग में बनाई रणनीति, 18 जनवरी को परिवहन मंत्री आवास पर होगा न्याय मार्च
सिरसा। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चे के पूर्व में घोषित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार (30 दिसंबर) को सिरसा डिपो में गेट मीटिंग हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रधान रिछपाल सिंह संधू ने की थी।
गेट मीटिंग में शामिल कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए सांझा मोर्चे के वरिष्ठ सदस्य राज्य कमेटी सांझा मोर्चा से राज्य प्रभारी राजवीर दुहन कि प्रदेश सरकार छात्र-छात्राओं एवं आम व्यक्ति की पसंद सुरक्षित एवं सस्ती परिवहन सेवा का निजीकरण करके पूंजीपतियों के हवाले कर रही हैं। योजना की ठेके की इलेक्ट्रिक बसों और ठेके की किलोमीटर स्कीम की बसों को रोडवेज विभाग में बिना मांग के लगातार शामिल किया जा रहा है। योजना की ठेके की बसों से रोडवेज विभाग को घाटा हो रहा हैं।
दूसरी ओर मंत्री एवं विधायक अपने-अपने विधानसभा के हर गांव में सरकारी बसें चलवाने के आदेश रोडवेज अधिकारियों को दे रहे हैं। जबकि रोडवेज विभाग के पास सभी गांवों में सरकारी बस भेजने के लिए पर्याप्त बसें नहीं हैं। आज रोडवेज विभाग में चालक, परिचालकों की बहुत कमी है। बसों की मरम्मत करने के लिए कर्मचारी न के बराबर रहे गए हैं। चालक, परिचालकों की कमी एवं बसें मरम्मत समय पर न होने के कारण बसें खड़ी रहती हैं। रोडवेज विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं। आम जनता को परिवहन सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा हैं। प्रदेश की जनसंख्या के आधार पर सरकार नई सरकारी बसों को खरीदकर रोडवेज बेड़े में शामिल करे, जिससे हजारों बेरोजगार युवकों को रोजगार मिलेगा।
आज रोडवेज विभाग में चालक, परिचालकों व कर्मशाला के कर्मचारियों की कमी होने के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम बोझ बहुत बढ़ गया है। कर्मचारियों का शारीरिक एवं मानसिक उत्पीडऩ किया जा रहा है। आम जनता की विपरीत परिस्थितियों में दिन रात सेवा करने वाले रोडवेज कर्मचारियों की अनेक समस्याओं व मांगों को सरकार जायज मानकर यूनियन नेताओं से समझौता तो लगातार कर रही है, परन्तु उन जायज मांगों को लागू नहीं कर रही है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार समय रहते बातचीत के माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं को हल करे। अगर सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो प्रदेश भर के सभी डिपूओं के रोडवेज कर्मचारी 18 जनवरी 2026 को अम्बाला छावनी में परिवहन मंत्री के आवास पर न्याय मार्च निकालेंगे और बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।


