गुरुग्राम में महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या, आरोपी इंजीनियर रेलवे ट्रैक पर मृत मिला; लिव-इन एंगल की जांच

गुरुग्राम: Gurugram Murder: सेक्टर-56 थाना क्षेत्र में एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या और एक पुरुष सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रेलवे ट्रैक पर मृत मिलने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों के बीच निजी संबंध होने की बात सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हो सकती हैं, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस ने किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
फ्लैट में मिला महिला का शव
पुलिस के अनुसार, 25 वर्षीय इशारा अयूबी का शव सेक्टर-55 स्थित एक अपार्टमेंट के कमरे में मिला। उनके परिजनों ने शनिवार से मोबाइल फोन बंद होने पर चिंता जताते हुए पुलिस को सूचना दी थी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस संबंधित फ्लैट तक पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण उसे तोड़कर प्रवेश किया गया, जहां महिला का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शरीर पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले। घटनास्थल से एक चाकू भी बरामद किया गया है, जिसे जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भेजा गया है। कमरे से अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं।
रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव
इसी बीच, जीआरपी को शनिवार शाम गढ़ी हरसरु रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला। उसकी पहचान 25 वर्षीय श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई। वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई का निवासी था और गुरुग्राम की एक निजी आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। जीआरपी ने पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी। बाद में सेक्टर-56 थाना पुलिस ने दोनों मामलों के बीच संभावित संबंध की जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं के क्रम और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
एक ही कंपनी में करते थे काम
जांच में सामने आया है कि श्रेष्ठ मलिक और इशारा अयूबी एक ही कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में कुछ परिचितों और सहकर्मियों ने बताया कि दोनों पिछले कुछ महीनों से एक-दूसरे को जानते थे। यह भी जानकारी मिली है कि इशारा हाल ही में सेक्टर-55 स्थित उसी फ्लैट में रहने आई थीं, जहां से उनका शव बरामद हुआ। हालांकि, दोनों के संबंधों की प्रकृति और घटना से जुड़े कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। पुलिस सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है।
परिजनों को बाद में मिली पूरी जानकारी
श्रेष्ठ मलिक के पिता और परिवार के अन्य सदस्य पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुग्राम में मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें थाने बुलाकर मामले की जानकारी दी। अधिकारियों ने उनसे दोनों युवाओं के बारे में पूछताछ की। परिवार ने पुलिस को बताया कि उन्हें श्रेष्ठ के निजी जीवन या उसके व्यक्तिगत संबंधों की विस्तृत जानकारी नहीं थी।
डिजिटल साक्ष्यों की होगी जांच
सेक्टर-56 थाना पुलिस अब मामले की तह तक पहुंचने के लिए दोनों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी। इसके अलावा, कंपनी के सहकर्मियों, दोस्तों और अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले दोनों के बीच किसी प्रकार का विवाद हुआ था या नहीं। फॉरेंसिक रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पुलिस ने जांच जारी होने की कही बात
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। अभी तक हत्या के पीछे की वजह या दोनों घटनाओं के क्रम को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट दावों और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है।


