फरीदाबाद में कुत्ते को लेकर विवाद के बाद सॉफ्टवेयर कंपनी के COO की हत्या, पड़ोसी ने दो पिस्टल से बरसाईं गोलियां
परमजीत अपने बेटे शौर्य के साथ पार्किंग में पहुंचे। आरोप है कि मोनू ने पहले उनसे बातचीत की और फिर पीछे हटकर दो पिस्टल निकाल लीं। इसके बाद उसने दोनों हाथों में पिस्टल लेकर परमजीत पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

फरीदाबाद: Paramjit Dhankhar Murder: हरियाणा के फरीदाबाद में कुत्ते को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। सेक्टर-21सी में पड़ोसी ने सिंगापुर की सॉफ्टवेयर कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) परमजीत धनखड़ की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपित ने दो लाइसेंसी पिस्टल से करीब 16 गोलियां चलाईं, जिनमें नौ परमजीत को लगीं। वारदात के दौरान उनके बेटे शौर्य पर भी गोली चलाई गई, लेकिन उसने बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने हत्या के आरोप में पड़ोसी मोहन उर्फ मोनू शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक परमजीत धनखड़ सेक्टर-21सी के मकान नंबर 641 में परिवार के साथ प्रथम तल पर रहते थे। मूल रूप से हिसार जिले के गांव रावलवास खुर्द के रहने वाले परमजीत सिंगापुर स्थित एफटीपी सॉफ्टवेयर कंपनी में COO के पद पर कार्यरत थे। वह दो दिन पहले ही धनतेरस मनाने के लिए सिंगापुर से भारत लौटे थे। परिवार में त्योहार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब पड़ोसी ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया।
पार्किंग और कुत्ते को लेकर लंबे समय से विवाद
परमजीत के दोस्त गजराज के मुताबिक, मकान के तीसरे तल पर मोहन उर्फ मोनू शर्मा अपने परिवार के साथ रहता है। दोनों परिवारों की पार्किंग अलग-अलग होने के बावजूद मोनू अक्सर अपनी कार परमजीत की पार्किंग में खड़ी कर देता था। इस बात को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हो चुका था। करीब दो महीने पहले मोनू ने जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता खरीदा था। आरोप है कि मोनू का घरेलू सहायक कभी लिफ्ट में तो कभी परमजीत की पार्किंग में कुत्ते को शौच करा देता था। परमजीत और उनके परिवार ने इस पर कई बार आपत्ति जताई थी। शनिवार सुबह भी कुत्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष पुलिस चौकी पहुंचे, जहां समझौता कराया गया। हालांकि, आरोप है कि चौकी में ही मोनू ने परमजीत को धमकी दी थी कि वह रात तक उन्हें जिंदा नहीं छोड़ेगा।
पुलिस चौकी में धमकी, रात को पार्किंग में हत्या
परिवार और परिचितों को लगा कि मोनू ने गुस्से में धमकी दी है और मामला शांत हो जाएगा। लेकिन शनिवार रात करीब नौ बजे उसने परमजीत को बातचीत के बहाने नीचे बुलाया। परमजीत अपने बेटे शौर्य के साथ पार्किंग में पहुंचे। आरोप है कि मोनू ने पहले उनसे बातचीत की और फिर पीछे हटकर दो पिस्टल निकाल लीं। इसके बाद उसने दोनों हाथों में पिस्टल लेकर परमजीत पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोलियों से बचने के लिए परमजीत भागने लगे, लेकिन आरोपी ने उनका पीछा कर फायरिंग जारी रखी। इस दौरान करीब 16 गोलियां चलाई गईं, जिनमें नौ परमजीत को लगीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी ने परमजीत के बेटे शौर्य पर भी गोली चलाई। शौर्य किसी तरह बाथरूम में छिप गया और अपनी जान बचाने में सफल रहा। वारदात के बाद मोनू परिवार सहित मौके से फरार हो गया।
बेटे की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शौर्य की शिकायत पर मोनू शर्मा और उसके भाई सोनू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपित मोनू को गिरफ्तार कर लिया है। सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रहलाद ने बताया कि मोनू के पास दो लाइसेंसी पिस्टल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वारदात में इस्तेमाल हथियारों सहित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस के अनुसार, मोनू शर्मा पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वह जीएसटी चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। इसके अलावा डबुआ थाने में उसके खिलाफ मारपीट का मुकदमा भी दर्ज है। परमजीत के परिचितों का कहना है कि सुबह पुलिस चौकी में धमकी दिए जाने के बाद यदि आरोपित के खिलाफ तत्काल सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जाते, तो शायद घटना को रोका जा सकता था। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की भूमिका और शिकायत पर की गई कार्रवाई की जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। फिलहाल पुलिस हत्या के मामले में आरोपित से पूछताछ कर रही है। घटना के बाद सेक्टर-21सी में दहशत और शोक का माहौल है। त्योहार मनाने घर लौटे परमजीत की हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


