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हरियाणा चुनाव : राहुल के सिपहसालार के गढ़ को बचाने की लड़ाई

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के करीबी सिपहसालार और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला भगवान हनुमान के जन्मस्थली के रूप में माने जाने वाले हरियाणा की इस प्रमुख सीट कैथल से दोबारा जीत दर्ज करना च

हरियाणा चुनाव : राहुल के सिपहसालार के गढ़ को बचाने की लड़ाई
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कैथल (हरियाणा)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के करीबी सिपहसालार और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला भगवान हनुमान के जन्मस्थली के रूप में माने जाने वाले हरियाणा की इस प्रमुख सीट कैथल से दोबारा जीत दर्ज करना चाहते हैं। भाजपा द्वारा शासित इस राज्य में जीत हासिल करना हालांकि आसान नहीं होगा।

सत्ता के पक्ष में लहर और मोदी फैक्टर पर सवार भाजपा जाट और गुजर बहुल वाले कांग्रेस के गढ़ में जीत हासिल करने के लिए हर तरकीब अपना रही है।

पूर्व राज्य कैबिनेट मंत्री सुरजेवाला (52) लगातार तीसरी बार इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

साल 2005 से 2009 के बीच, कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) के पारंपरिक गढ़ का प्रतिनिधित्व उनके पिता शमशेर सिंह ने किया था। सिंह पूर्व मंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

मनोहर लाल खट्टर नीत सरकार जिंद के उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद इस सीट से जीत दर्ज करने को लेकर आश्वस्त है। जिंद में हुए उपचुनाव में सुरजेवाला तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि जननायक पार्टी के दिग्विजय चौटाला ने तीसरा स्थान हासिल किया था।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बीते सप्ताह कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस शहरी सीट से एक चुनावी रैली संबोधित करने के दौरान सुरजेवाला पर निशाना साधते हुए कहा था, "जब भी मोदीजी कुछ करते हैं, सुरजेवाला को पेट में दर्द हो जाता है।"

कैथल में, उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि अवैध अप्रवास और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का मामला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शीर्ष प्राथमिकता है।

अपने विकास कार्यो पर भरोसा करने वाले सुरजेवाला ने आईएएनएस से कहा, "भाजपा विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय मुद्दों पर बात करके स्थानीय समस्याओं से लोगों का ध्यान भटका रही है। पांच वर्षो में, भाजपा ने कैथल में विकास कार्यो को रोक दिया है।"

उन्होंने कहा, "राज्य में राष्ट्रीय मुद्दा बनाम स्थानीय मुद्दे की लड़ाई है।"

वहीं स्थानीय लोग अपने विधायक पर जानबूझकर विधानसभा क्षेत्र को नजरअंदाज करने का आरोप लगा रहे हैं।

स्थानीय निवासी नरेश खुल्लर ने कहा कि बीते पांच वर्षो में यहां कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा, "चुने जाने के बाद, उनका ध्यान स्थानीय समस्याओं से ज्यादा राष्ट्रीय परिदृश्यों पर था। हमें भुगतना पड़ा, क्योंकि वह विपक्ष से थे।"

अन्य निवासी गोपाल शर्मा ने कहा कि ऐसा पहली बार है कि सीधी लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच है, क्योंकि झगड़े और पारिवारिक फूट की वजह से इनेलो राज्य में हाशिये पर चली गई है। इस बार यह लड़ाई और गहरी हो गई है।

उन्होंने कहा, "लोगों ने भाजपा के शासन में विकास कार्यो में तेजी देखी है। मुझे लगता है कि कैथल में लोग भाजपा उम्मीदवार को वोट देंगे।"

कांग्रेस नेता ने हालांकि भाजपा सरकार पर जानबूझकर उनके संसदीय क्षेत्र को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

सुरजेवाला ने कहा कि मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद अंबाला-कैथल-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग के अत्याधुनिकीकरण की आधारशिला रखी थी, लेकिन यह पांच वर्षो में क्यों नहीं पूरा नहीं हो सका।

अपनी रिपोर्ट कार्ड को पेश करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर कैथल के लोगों को यह बताना नहीं भूले कि पांच वर्षो के दौरान विधानसभा की 70 बैठकों में सुरजेवाला केवल सात दिन की कार्यवाही में उपस्थित रहे। विधानसभा में उनकी सीट 63 दिनों तक खाली रही।


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