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कटनी में पुलिस अधीक्षक के तबादले का विरोध,सडक़ों पर उतरे लोग

कटनी ! मध्यप्रदेश के कटनी जिले में हवाला कारोबार का खुलासा करने वाले पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी का तबादला किए जाने से स्थानीय नागरिक नाराज हैं। उन्होंने मंगलवार को सडक़ों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

कटनी में पुलिस अधीक्षक के तबादले का विरोध,सडक़ों पर उतरे लोग
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कटनी ! मध्यप्रदेश के कटनी जिले में हवाला कारोबार का खुलासा करने वाले पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी का तबादला किए जाने से स्थानीय नागरिक नाराज हैं। उन्होंने मंगलवार को सडक़ों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि तिवारी का तबादला निरस्त किया जाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान कटनी के बाजार भी बंद रहे। इस दौरान भाजपा को छोड़ सभी राजनीतिक दलों के लोग भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के लोग भी थे।
पुलिस अधीक्षक तिवारी के तबादले के विरोध में मंगलवार की सुबह से लोग कटनी की सडक़ों पर उतर आए, जगह-जगह प्रदर्शन किया और नारेबाजी का दौर चला। शहर के प्रमुख सुभाष चौराहे पर महिलाएं, छात्राएं और आमजन जमा हुए और उन्होंने शहर की प्रमुख सडक़ों से रैली निकाली। छात्रा प्रियंका केवट ने तिवारी के तबादले पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा, उनकी पदस्थापना के बाद से आम महिलाएं व छात्राएं अपने को सुरक्षित महसूस करने लगी थी। उन्हें किसी भी समय कहीं भी जाने में कोई दिक्कत नहीं होती थी, क्योंकि छेड़छाड़ करने वाले डरने लगे थे। इसी तरह सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ सिंह का कहना है, तिवारी के छह माह के कार्यकाल में जिले के हालात सुधर गए थे। कालाबाजारी के कारोबार में लिप्त लोगों के चेहरे बेनकाब हो रहे थे, इसी के चलते उनका राजनीतिक दवाब में तबादला कर दिया गया। इसे निरस्त किया जाना चाहिए।
तिवारी के तबादले का विरोध करते हुए विकास बाझिल ने कहा, तिवारी के आने के बाद जिले की कानून व्यवस्था सुधरी थी और पुलिस का अपराधियों में खौफ बढ़ा था। ऐसे में सिर्फ छह माह में ही तिवारी का तबादला किया जाना चिंताजनक है। ज्ञात हो कि पुलिस अधीक्षक तिवारी के कार्यकाल में ही कटनी जिले के हवाला कारोबार से पर्दा उठा था। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई और एक बड़े कारोबारी के कर्मचारी को गिरफ्तार किया। इतना ही नहीं हवाला के जरिए हुए लेन देन के दस्तावेज भी बरामद किए। इस कारोबार में कई बड़े लोगों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही थी, तभी तिवारी का तबादला कर दिया गया। यही कारण है कि इस तबादले के पीछे राजनीतिक दवाब की बात कही जा रही है और लोग सडक़ों पर उतर कर तिवारी के तबादले को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।
तबादला प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा
गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने तिवारी के तबादले को प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। उन्होंने उधर सागर में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, तिवारी जहां भी रहे, उनका कार्यकाल अच्छा रहा है। बालाघाट से जब तबादला हुआ था, तब भी जनता ने इसका विरोध किया था। अब उन्हें बड़े जिले छिंदवाड़ा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तिवारी के तबादले के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में कोई राजनीतिक दल शामिल नहीं है, बल्कि आमजन इस प्रदर्शन का हिस्सा है।


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