कड़ाके की ठंड से जन-जीवन हुआ अस्त-व्यस्त
होडल ! पिछले तीन दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ठंड के कहर से जहां बाजारों में देखने को भी ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे हैं

होडल ! पिछले तीन दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ठंड के कहर से जहां बाजारों में देखने को भी ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे हैं वहीं शादी विवाह वाले घरों में भी कोई खास चहल पहल दिखाई नहीं दे रही है। शादी विवाह वाले घरों में पहुंचने वाले रिस्तेदार,पड़ोसी व अन्य परिजन अलाव, हीटर व अन्य उपकरणों पर हाथ सेकने को मजबूर हैं। हालंाकि दोपहर के समय तक सूर्य भगवान भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। लेकिन धूप की गर्मी को भी कड़ाके की ठंंड और चल रही ठंडी हवाओं ने दवा कर रख दिया है।
धूप निकलने पर भी लोग जगह-जगह अलाव पर हाथ सेंकते दिखाई देते हैं। उप मंडल के सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में भी आजकल पड़ रही हाडक़ंपाने वाली ठंड का असर दिखाई देने लगा है। विद्यालयोंं में साइकिल, दुपहिया वाहनों आदि से विद्यालय पहुंचने वाले छात्रों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि स्कूलों में भी प्रार्थना के समय प्रधानाचार्य सभी छात्रों को ठंड से बचाव करने का संदेश दे रहे हैं और कह रहे हैं कि आने वाली परीक्षाओं की तैयारियों में सभी छात्र जुट जाएं लेकिन विद्यालय के मैदानों में तेज और ठंडी हवाओं के कारण धूप में भी ठिठुरने को मजबूर हैं। अधिकांश विद्यालयों में पढऩे वाले छात्र कमरों को छोडक़र मैदान में पढ़ते दिखाई दे रहे हैं लेकिन रोजाना बढ़ती ही जा रही ठंड से कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
क्या कहते हैं छात्र-
गांव से वह रोजना साईकिल के माध्यम से विद्यालय पहुंचता है लेकिन पिछले तीन दिनों से पड़ रही ठंड ने उसे पूरी तरह परेशान कर दिया है। परीक्षाएं निकट होने के कारण वह ठंडी हवा और सर्दी के मौसम में भी समय पर विद्यालय पहुंंच रहा है लेकिन फिर भी तैयारियों पूरी नहीं हो पा रही हैं। सुरेश डकोरा
ठंड के कारण बीमार होने का भी अंदेशा बन रहा है लेकिन परीक्षाएं निकट होने के कारण पढ़ाई बहुत आवशयक है। पिछले चार दिनों में तो ठंड ने तो जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त कर दिया है। देवराज भुलवाना
आजकल पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए छात्रों को धूप में बैठाकर पढ़ाई करानी शुरू की है लेकिन ठंडी हवा और कड़ाके की ठंड से कोई राहत नहीं मिल पा रही है। छात्रों को ठंड से बचाव करने के साथ साथ पढ़ाई भी बहुत जरूरी है, क्योंकि परीक्षाएं निकट हैं। वनबिहारी लाल, प्रधानाचार्य
कम नहीं हो रहा ठंड का सितम
गाजियाबाद। ठंड का सितम मंगलवार को भी जारी रहा। दिनभर धूप निकलने के बाद भी ठंड कम नहीं हुई। ट्रांस हिंडन का न्यूनतम पारा छह डिग्री रहा। शाम को तेज हवा चलने व हल्के बादल छाने के बाद ठिठुरन और बढ़ी। सुबह व शाम में ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। दिनभर घरों और कार्यालयों में रहने वाले लोगों ने ठंड से बचने के लिए रूम हीटर की ली। मंगलवार सुबह भी तेज हवाओं से जबरदस्त ठंड रही। दोपहर के वक्त भी ठंड कम नहीं होने से बाजारों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर ठंड का असर देखने को मिला।


