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वेस्टर्न रेलवे ने गुजरात में समाखियाली-भाचाऊ सेक्शन को चार लेन किया, सीआरएस ने किया निरीक्षण

वेस्टर्न रेलवे ने गुजरात में समाखियाली-भाचाऊ रेल सेक्शन को चार लेन वाला बनाने का काम पूरा कर लिया है। यह एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जिससे कच्छ इलाके और कांडला व मुंद्रा बंदरगाहों के बीच माल ढुलाई मजबूत होने और यात्री ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

वेस्टर्न रेलवे ने गुजरात में समाखियाली-भाचाऊ सेक्शन को चार लेन किया, सीआरएस ने किया निरीक्षण
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अहमदाबाद। वेस्टर्न रेलवे ने गुजरात में समाखियाली-भाचाऊ रेल सेक्शन को चार लेन वाला बनाने का काम पूरा कर लिया है। यह एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जिससे कच्छ इलाके और कांडला व मुंद्रा बंदरगाहों के बीच माल ढुलाई मजबूत होने और यात्री ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

नए बने सेक्शन का निरीक्षण 'कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी' (सीआरएस) ने किया है। कानूनी मंजूरी मिलने के बाद नई लाइनों पर ट्रेन सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।

वेस्टर्न सर्कल के 'कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी', ई. श्रीनिवास की अगुवाई में रेलवे के सीनियर अधिकारियों की एक टीम ने लगभग 17 किलोमीटर लंबे नए रेल सेक्शन का बारीकी से निरीक्षण किया।

सीआरएस रेलवे को निरीक्षण रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसके बाद पैसेंजर और मालगाड़ियों के ऑपरेशन शुरू करने की मंजूरी दी जाएगी।

इस प्रोजेक्ट में 32.90 किलोमीटर नई रेलवे लाइन का निर्माण शामिल था, जिसमें 16.398 किलोमीटर की 'डाउन लाइन' और 16.502 किलोमीटर की 'अप लाइन' शामिल हैं।

वेस्टर्न रेलवे ने बताया कि पूरे सेक्शन में ट्रैक बिछाने और जोड़ने का काम पूरा हो चुका है।

प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में लगभग 6.25 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी का काम (अर्थवर्क), 1.27 लाख क्यूबिक मीटर ब्लैंकेटिंग और 96,000 क्यूबिक मीटर बैलास्ट (गिट्टी) बिछाने का काम शामिल था।

भारी रेल ट्रैफिक को संभालने के लिए इंजीनियरों ने इस सेक्शन पर चार बड़े पुल और 25 छोटे पुल भी बनाए हैं।

प्रोजेक्ट के तहत समाखियाली, वोंध और भाचाऊ स्टेशनों पर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार किया गया है।

समाखियाली-भाचाऊ सेक्शन पश्चिमी भारत के सबसे अहम रेल कॉरिडोर में से एक है, जो कच्छ के इंडस्ट्रियल इलाकों और गुजरात के कांडला व मुंद्रा पोर्ट्स को नेशनल रेलवे नेटवर्क से जोड़ता है।

इस रूट का इस्तेमाल भुज, गांधीधाम, वायोर और आसपास के इलाकों से माल की ढुलाई के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।

'कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी', ई. श्रीनिवास ने कहा कि यह निरीक्षण ट्रैफिक के लिए सेक्शन खोलने से पहले जरूरी सुरक्षा मंजूरी प्रक्रिया के तहत किया गया।

वेस्टर्न रेलवे, अहमदाबाद के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (कंस्ट्रक्शन) प्रदीप गुप्ता ने कहा कि यह प्रोजेक्ट कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाएगा और बढ़ते माल ढुलाई ट्रैफिक को संभालने में मदद करेगा।

वहीं, अहमदाबाद के डिविजनल रेलवे मैनेजर वेद प्रकाश ने कहा कि अपग्रेड किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर से इस रूट पर ऑपरेशनल क्षमता बेहतर होगी।

वेस्टर्न रेलवे के अनुसार, यह 'क्वाड्रपलिंग' (चार लाइन बनाने का) प्रोजेक्ट कच्छ इलाके में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और रेलवे की माल ढुलाई क्षमता और ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाएगा। इसके चालू होने के बाद, कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों से कंटेनर, पेट्रोलियम उत्पादों, उर्वरकों, अनाज, नमक और अन्य सामानों की तेज़ी से आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स की लागत कम होने से इस क्षेत्र में उद्योगों, व्यापार और निर्यात को फायदा होने की उम्मीद है।


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