Top
Begin typing your search above and press return to search.

सूरत के रेलवे स्टेशन पर उमड़ी यात्रियों की भारी भीड़, दीपावली पर घर जाने के लिए घंटों तक कतारों में खड़े रहे यात्री

दीपावली के पावन अवसर पर अपने घर और परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। स्थिति यह है कि यात्री अपनी बारी का इंतजार करने के लिए 12-12 घंटे तक लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। घंटों इंतजार के बाद भी कई यात्रियों में इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ है कि वे सुरक्षित अपने गांव पहुंच पाएंगे या नहीं।

सूरत के रेलवे स्टेशन पर उमड़ी यात्रियों की भारी भीड़, दीपावली पर घर जाने के लिए घंटों तक कतारों में खड़े रहे यात्री
X

सूरत। दीपावली के पावन अवसर पर अपने घर और परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। स्थिति यह है कि यात्री अपनी बारी का इंतजार करने के लिए 12-12 घंटे तक लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। घंटों इंतजार के बाद भी कई यात्रियों में इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ है कि वे सुरक्षित अपने गांव पहुंच पाएंगे या नहीं।

यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) अनुभव सक्सेना ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि दीपावली की छुट्टियों के चलते यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए जालोर, झाझापुर और अन्य व्यस्त रूटों पर लगातार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि पूरे पश्चिम रेलवे क्षेत्र में 190 से अधिक ट्रेनें नोटिफाई की गई हैं। अकेले सूरत और उधना क्षेत्र से 70 से अधिक ट्रेनें और 300 से अधिक फेरे नोटिफाई किए गए हैं। 10 अक्टूबर से लेकर अब तक 10 ट्रेनें नोटिफाइड की गई हैं, जिनमें से 5 ट्रेनें सफलतापूर्वक संचालित की जा चुकी हैं। इसके अलावा, ऐन मौके पर यात्रियों की अचानक बढ़ती संख्या को देखते हुए झाझापुर के लिए विशेष रूप से अतिरिक्त ट्रेनें संचालित की गईं।

उन्होंने कहा कि जैसे ही यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, उसी हिसाब से स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। यात्रियों के आवागमन के आंकड़ों के बारे में पीआरओ ने बताया कि सिर्फ रात 11 बजे से सुबह के वक्त तक 14,000 से 15,000 यात्री सफर कर चुके हैं। वहीं, 1 अक्टूबर से लेकर अब तक 4 लाख से अधिक यात्री इस रूट से यात्रा कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। रेलवे का पूरा स्टाफ मुस्तैदी के साथ ग्राउंड पर तैनात है। यात्रियों की सहायता के लिए आरपीएफ (आरपीएफ) बल, पर्याप्त टिकट काउंटर, हेल्प डेस्क, पुरुष-महिला व दिव्यांगों के लिए अलग से मॉड्यूलर टॉयलेट, 150 से अधिक स्पीकर्स, और एटीएम मशीनें जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

स्टेशन पर मौजूद यात्रियों का दर्द और राहत दोनों देखने को मिले। जहां कुछ यात्री सुबह से कतारों में लगकर टिकट और सीट पाने की जद्दोजहद कर रहे हैं, वहीं कुछ यात्रियों को ट्रेन और सीट की पुख्ता जानकारी न मिलने के कारण अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, जिन यात्रियों को सुव्यवस्थित रूप से सिस्टम के माध्यम से सीटें मिल गई हैं, उन्होंने रेलवे की इस व्यवस्था पर संतोष भी व्यक्त किया है।

बिहार के निवासी सत्येंद्र कुमार ने आईएएनएस से कहा, "हम लोग सुबह 3 बजे से कतार में खड़े हैं। हमें उम्मीद है कि बिहार तक उन्हें ट्रेन मिल जाएगी।" बिहार के एक और यात्री अभिषेक कुमार ने कहा, "मुझे दानापुर जाना है। मैं सुबह करीब 4 बजे से स्टेशन पर कतार में खड़ा हूं, लेकिन ट्रेन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं घर पहुंच पाऊंगा या नहीं, यह भी निश्चित नहीं है।"



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it