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'2014 के बाद लाखों परिवार झोपड़ियों से पक्के घरों में पहुंचे,' युवाओं से बोले डिप्टी सीएम हर्ष संघवी

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 4 करोड़ से अधिक पक्के मकान बनाए गए हैं

2014 के बाद लाखों परिवार झोपड़ियों से पक्के घरों में पहुंचे, युवाओं से बोले डिप्टी सीएम हर्ष संघवी
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गांधीनगर। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 4 करोड़ से अधिक पक्के मकान बनाए गए हैं। इससे पहले झोपड़ियों और अस्थायी घरों में रहने वाले लाखों गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है।

उपमुख्यमंत्री गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) में आयोजित 'नमो युवा संवाद: विकसित भारत ब्लूप्रिंट' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश ने कृषि, अर्थव्यवस्था, परिवहन, कानून-व्यवस्था तथा युवा और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और इसका लाभ देशभर के नागरिकों को मिला है।

यह कार्यक्रम युवाओं को विकसित भारत के लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने और उनके विचारों को देश के विकास एजेंडे से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

उपमुख्यमंत्री ने छात्रों और युवाओं से संवाद करते हुए "विकसित भारत 2047" के उद्देश्यों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि 2014 से पहले बड़ी संख्या में गरीब लोग अस्थायी घरों में रहने को मजबूर थे, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक पक्के घर बनने से समाज के बड़े वर्ग की जीवन स्थितियों में बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि पहले देश के गरीब और मध्यम वर्ग के आधे से अधिक परिवार बैंकिंग व्यवस्था से बाहर थे, जबकि अब उनके पास बैंक खाते हैं और वे वित्तीय सेवाओं से जुड़ चुके हैं।

उन्होंने कहा, "ये आंकड़े केवल सरकारी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रति देश की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।"

हर्ष संघवी ने कहा कि वह कार्यक्रम में भाषण देने नहीं, बल्कि युवाओं के विचार और अनुभव सुनने आए हैं।

उन्होंने कहा कि 2014 के बाद हुए विकास ने कई क्षेत्रों को प्रभावित किया है और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दिया है।

बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अटल टनल जैसी परियोजनाओं ने यात्रा समय और ईंधन की खपत को काफी कम किया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 तक भारत में स्वतंत्रता से लेकर 2014 तक बने हवाई अड्डों की तुलना में ढाई गुना अधिक हवाई अड्डों का विकास किया जा चुका है।

उड़ान योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब आम नागरिक और वरिष्ठ नागरिक भी किफायती दरों पर हवाई यात्रा कर पा रहे हैं।

रेल संपर्क पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस और प्रस्तावित बुलेट ट्रेन न केवल समय बचाएंगी, बल्कि रोजगार के लिए नियमित यात्रा करने वाले लाखों लोगों के सामाजिक जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेंगी।

स्वच्छ भारत अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों में स्वच्छता के प्रति बढ़ती जागरूकता भविष्य के स्वच्छ भारत की मजबूत नींव रख रही है।

उन्होंने युवाओं से सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फैलाने और जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की।

उपमुख्यमंत्री ने गिफ्ट सिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस परियोजना को कभी आलोचकों ने 'दिवास्वप्न' कहा था, वह आज एक वैश्विक वित्तीय केंद्र बन चुकी है।

उन्होंने युवा उद्यमियों को अल्पकालिक लाभ के बजाय दीर्घकालिक और टिकाऊ व्यवसाय मॉडल पर ध्यान देने की सलाह दी।

सोशल मीडिया की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपुष्ट अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचें तथा तथ्यात्मक जानकारी पर भरोसा करें।

उन्होंने कहा, "'विकसित भारत 2047' देश के लगभग 140 करोड़ लोगों के सामूहिक विकास का संकल्प है।"

युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में निराशा या हताशा आने पर उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्ष और दृढ़ता से प्रेरणा लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "जब भी आप निराश महसूस करें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और उनकी पुस्तकों के बारे में पढ़ें तथा मेहनत के जरिए आगे बढ़ने का रास्ता खोजें।"

यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के शासन के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भी आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने गुजरात साहित्य अकादमी के अध्यक्ष भाग्येश झा द्वारा लिखित पुस्तक 'नरेंद्र मोदी एक सर्जक' का विमोचन भी किया।


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