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गांधीनगर में बारिश का अलर्ट, 200 से ज्यादा होर्डिंग-बैनर हटाए; स्कूल-कॉलेज बंद

गुजरात के गांधीनगर में भारी बारिश और तेज हवा की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। शहर में 200 से ज्यादा बड़े बैनर और होर्डिंग हटाए गए हैं, साथ ही असुरक्षित विज्ञापन संरचनाओं को तोड़ा गया है

गांधीनगर में बारिश का अलर्ट, 200 से ज्यादा होर्डिंग-बैनर हटाए; स्कूल-कॉलेज बंद
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गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर में भारी बारिश और तेज हवा की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। शहर में 200 से ज्यादा बड़े बैनर और होर्डिंग हटाए गए हैं, साथ ही असुरक्षित विज्ञापन संरचनाओं को तोड़ा गया है। मौसम को देखते हुए 1 अगस्त को जिले के सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया गया है।

गांधीनगर नगर निगम ने बताया कि मौसम विभाग ने गांधीनगर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके बाद शहरभर में व्यापक सर्वे किया गया।

इस दौरान 200 से ज्यादा बड़े और संभावित खतरनाक बैनर सुरक्षित रूप से हटाए गए ताकि हवा से होने वाले हादसों का खतरा कम किया जा सके।

निगम ने अवैध और असुरक्षित होर्डिंग संरचनाओं के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की। जांच में जो होर्डिंग जर्जर हालत में मिले या बिना अनुमति लगाए गए थे, उन्हें चिन्हित कर मशीनों की मदद से गिरा दिया गया।

यह अभियान मुख्य सड़कों, शहर के प्रवेश द्वारों और अन्य व्यस्त इलाकों पर केंद्रित रहा ताकि खराब मौसम में संरचनाएं गिरने से किसी तरह की जनहानि या नुकसान न हो।

नगर निगम ने कहा, "मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हम तैयार हैं। खतरनाक होर्डिंग हटाने का अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।"

विज्ञापन एजेंसियों और निजी संपत्ति मालिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने खतरनाक बोर्ड और संरचनाएं खुद हटा लें।

नागरिकों को सलाह दी गई है कि भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी खतरनाक होर्डिंग या पेड़ की सूचना नगर निगम के टोल-फ्री कंट्रोल रूम पर दें।

मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने 1 अगस्त को गांधीनगर जिले के सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी आपातकालीन व्यवस्था अलर्ट पर रखी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात 40 टीमों समेत कुल 44 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं। हर तालुका में एक टीम मौजूद रहेगी। सभी टीमों को एंबुलेंस, जरूरी दवाएं और आपातकालीन सामान से लैस किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर 24 घंटे मदद मिल सके। इसके अलावा 174 फील्ड टीमें जिले भर में लगातार निगरानी, स्वास्थ्य जांच और बचाव कार्य कर रही हैं। पेयजल स्रोतों की क्लोरीनेशन, बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाओं का छिड़काव और जरूरतमंदों को दवाओं का वितरण किया जा रहा है।

इस हफ्ते जिन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी संभावित है, उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा है और भारी बारिश की स्थिति में उन्हें सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के लिए पहले से योजना तैयार की है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, उबला पानी पीने और किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल में नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।


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