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गुजरात ने मार्च में 68 लाख एलपीजी सिलेंडरों की मांग पूरी की

अफवाहों के चलते मची अफरा-तफरी में बुकिंग बढ़ने के बावजूद गुजरात ने मार्च में अपनी 68 लाख एलपीजी सिलेंडरों की मासिक मांग पूरी कर ली

गुजरात ने मार्च में 68 लाख एलपीजी सिलेंडरों की मांग पूरी की
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अहमदाबाद। अफवाहों के चलते मची अफरा-तफरी में बुकिंग बढ़ने के बावजूद गुजरात ने मार्च में अपनी 68 लाख एलपीजी सिलेंडरों की मासिक मांग पूरी कर ली। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य भर में पेट्रोल, डीजल और कुकिंग गैस की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।

राज्य स्तरीय ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के राज्य प्रमुख और कार्यकारी निदेशक संजीव कुमार बेहरा ने कहा कि पिछले महीने एलपीजी की मांग में तेजी से वृद्धि हुई और 75 लाख बुकिंग दर्ज की गईं।

उन्होंने कहा कि वितरण में कोई बाधा नहीं आई। यह वृद्धि अफवाहों के चलते मची अफरा-तफरी में बुकिंग और अग्रिम ऑर्डर के कारण हुई, लेकिन आपूर्ति राज्य की आवश्यकता के अनुरूप बनी रही।

उन्होंने आगे बताया कि गुजरात में 1.27 करोड़ सक्रिय एलपीजी कनेक्शन हैं, जिनमें से 88 प्रतिशत बुकिंग और 85 प्रतिशत डिलीवरी की पुष्टि डिजिटल माध्यम से की गई है।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसी तेल विपणन कंपनियां मिलकर राज्य में 5,133 खुदरा आउटलेट संचालित करती हैं। इन सभी आउटलेट्स पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है, साथ ही 17 आपूर्ति केंद्रों पर भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

बेहेरा ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। 23 और 24 मार्च को जो लंबी कतारें देखी गईं, वे अफवाहों के कारण थीं। उन दिनों बिक्री दोगुनी हो गई थी और कुछ आउटलेट्स पर तो सामान्य से चार से पांच गुना अधिक हो गई थी, लेकिन वास्तव में कोई कमी नहीं थी।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार बढ़ती मांग को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 4 अप्रैल को 2.43 लाख सिलेंडरों की आपूर्ति के मुकाबले 1.76 लाख एलपीजी की बुकिंग हुई, जो बैकलॉग को खत्म करने के प्रयासों का संकेत है।

23 मार्च से अप्रैल की शुरुआत तक विशेष रूप से सूरत अंकलेश्वर और जामनगर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडरों का वितरण बढ़ाया गया।

इस अवधि के दौरान लगभग 74,000 सिलेंडरों की आपूर्ति की गई, जिनमें से 25,000 सिलेंडर मांग में अचानक वृद्धि के कुछ ही दिनों के भीतर बिक गए।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के संयुक्त निदेशक चेतन गांधी ने बताया कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी तेज कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रत्येक गैस वितरण एजेंसी पर एक राजस्व अधिकारी और एक पुलिस अधिकारी तैनात किया है। दैनिक निगरानी के लिए कुल 1,029 कर्मियों को तैनात किया गया है।

5 मार्च से अब तक 11,300 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिन पर कार्रवाई की गई है, और 2,451 छापे मारे गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 215 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता सुनिश्चित करने के लिए सभी क्षेत्रों में एलपीजी आवंटन को विनियमित किया जा रहा है।


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