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गुजरात: राजकोट में अवैध गैस रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़, 517 एलपीजी सिलेंडर जब्त

गुजरात पुलिस की राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) ने राजकोट जिले के एक रिहायशी इलाके में आठ स्थानों पर छापेमारी कर 9.29 लाख रुपए मूल्य के 517 एलपीजी सिलेंडर और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। इस छापेमारी के जरिए अवैध गैस रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है।

गुजरात: राजकोट में अवैध गैस रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़, 517 एलपीजी सिलेंडर जब्त
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राजकोट। गुजरात पुलिस की राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) ने राजकोट जिले के एक रिहायशी इलाके में आठ स्थानों पर छापेमारी कर 9.29 लाख रुपए मूल्य के 517 एलपीजी सिलेंडर और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। इस छापेमारी के जरिए अवैध गैस रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है।

इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 15 अन्य वांछित आरोपियों की सूची जारी की गई है।

यह छापेमारी शुक्रवार को भक्तिनगर पुलिस थाना क्षेत्र के नेहरू नगर इलाके में की गई। आरोप है कि यहां घरों और गोदामों के अंदर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग की जा रही थी। आवासीय क्षेत्र में गतिविधियां होने के कारण दुर्घटना और जान-माल के नुकसान का खतरा था, इसीलिए राज्य निगरानी प्रकोष्ठ ने इस अभियान के लिए दो अलग-अलग टीमें तैनात कीं।

राज्य में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीएस मलिक के निर्देशों के बाद पुलिस सब-इंस्पेक्टर एसवी गलचर और वीएन जडेजा ने छापेमारी की।

टीमों ने नेहरू नगर की गली नंबर 2, 4, 6, 8 और 10 में स्थित गोदामों और घरों सहित आठ जगहों पर छापेमारी की। इनमें गिरफ्तार आरोपी रमेश चावड़ा, मेरम चावड़ा, हरदेव चावड़ा, अमित डांगर और आशीष गोगरा की जगहें शामिल थीं। इसके अलावा, वांछित आरोपी प्रफुल डांगर, धीरूभाई डांगर और उमेश बोरीचा से जुड़े गोदामों पर भी कार्रवाई की गई। धीरूभाई डांगर के दो गोदामों की भी तलाशी ली गई।

9,29,100 रुपए मूल्य के 517 गैस सिलेंडरों के अलावा, पुलिस ने नोजल सहित 16 रिफिलिंग पाइप, 'रिलायंस गैस' लिखे 44 स्टिकर, 48 सिलेंडर कैप, पांच इलेक्ट्रिक मोटर, 12 इलेक्ट्रॉनिक तराजू, दो साधारण तराजू, तीन वाहन, सात मोबाइल फोन, 9,170 रुपए नकद और एक स्पैनर जब्त किया। जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य 11,45,946 रुपए आंका गया है।

भक्तिनगर पुलिस स्टेशन में 30 अक्टूबर को 22 आरोपियों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 125, 287 और 54, आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 तथा विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9(बी)(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों की पहचान हरदेव चावड़ा, मेराम चावड़ा और रमेश चावड़ा के रूप में हुई है, ये सभी राजकोट के न्यू गोपालवंदना, गली नंबर 5 के निवासी हैं। राकेश बिश्नोई राजस्थान के जोधपुर के चितबेरा का निवासी है। पुरन्नाथ कोरी राजकोट के ढेबर रोड स्थित शिवशक्ति फोर्जिंग का निवासी है। अमित डांगर नेहरूनगर, गली नंबर 8 का निवासी है और आशीष गोगारा नेहरूनगर, गली नंबर 10 का निवासी है।

15 वांछित आरोपियों में जयमिन गैस एजेंसी से जुड़े राजू सोलंकी और करण लावड़िया शामिल हैं; मधुरम गैस एजेंसी से जुड़े मंगाभाई; जय भीम गैस एजेंसी से जुड़े अरविंद नट; एजीएस पियोर गैस एजेंसी से जुड़े हितेश चावड़ा; और मधुरम गैस एजेंसी से जुड़े शैलेश चावड़ा।

बाकी वांछित आरोपियों की पहचान चंदूभाई राठौड़, जितेंद्र जरीवाला, धीरूभाई रायधनभाई डांगर, प्रफुल्लभाई नारणभाई डांगर, उमेशभाई प्रभातभाई बोरिचा, संजयभाई चावड़ा, संजयभाई राजपूत, राज और ताजुद्दीन के रूप में की गई है।

पुलिस को गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के खिलाफ इसी तरह के पुराने मामले भी मिले हैं। मेराम चावड़ा के खिलाफ 2015 में भक्तिनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था, जबकि रमेश गगुभाई चावड़ा के खिलाफ 2021 में राजकोट जिले के आटकोट और धोराजी पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज किए गए थे।

राज्य निगरानी प्रकोष्ठ ने बताया कि मामलों में नामजद लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।


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