गुजरात में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़कें बंद, स्कूलों की छुट्टी; कई जिलों में रेड अलर्ट
दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही बारिश ने गुरुवार को जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया। कई इलाकों में सड़कें बंद हो गईं, नदियों का जलस्तर बढ़ गया और कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई।

गांधीनगर। दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही बारिश ने गुरुवार को जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया। कई इलाकों में सड़कें बंद हो गईं, नदियों का जलस्तर बढ़ गया और कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई।
डांग जिले में दर्जनों सड़कें बंद कर दी गई हैं, जबकि नवसारी में दो बांध उफान पर हैं। तापी जिले में बचाव अभियान चलाया गया और सूरत जिले में एहतियात के तौर पर सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
डांग जिला प्रशासन के अनुसार, लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण पंचायत सड़क एवं भवन विभाग के अंतर्गत आने वाली 47 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
वहीं, नवसारी जिले में लगातार बारिश और ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों से पानी आने के कारण जूज और केलिया बांध ओवरफ्लो होने लगे हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण पूर्णा नदी और उसके किनारे बसे गांवों में जलस्तर बढ़ सकता है।
जूज बांध के ओवरफ्लो से वांसदा तालुका के जूज, खड़किया, नवानगर, वासिया तलाव, वांसदा, रानीफलिया, नानी वलजार, मोटी वलजार, सिंगाडा, रूपवेल, चापलधारा, राजपुर और प्रतापनगर, चिखली तालुका के डोंजा, हरंगम, चिखली, खुंध, वंकल (वी. फलिया) और घेकटी तथा गांदेवी तालुका के उंडाच (वनिया फलिया), उंडाच (लुहार फलिया), गोयडी-भाथला, खापरवाड़ और देसरा गांव प्रभावित हो सकते हैं।
केलिया बांध के ओवरफ्लो से वांसदा तालुका का केलिया, चिखली तालुका के काकड़वेल, मंडवाखड़क, वेलनपुर, गोधथल, कानभाई, स्यादा, मोगरवाड़ी, आमधारा, घेज, मलियाधर, सोलधारा, पिपलागन, धोलार, कालियारी और बलवाड़, खेरगाम तालुका का वड तथा गांदेवी तालुका के गोयाडी भाथला, वाघारेच, खापरवाड़ा और देसरा गांवों पर खतरा मंडरा रहा है।
नवसारी जिला प्रशासन ने लोगों से नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर प्रशासन द्वारा जारी निकासी के निर्देशों का तुरंत पालन करने की अपील की है। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी माध्यमों से जारी जानकारी पर भरोसा करने को कहा गया है।
उधर, तापी जिले के डोलवन तालुका के धोडियावाड़ फलिया में बाढ़ में फंसे 11 लोगों को बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
लगातार बारिश का असर सूरत जिले के शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ा है। जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को नगर पालिका, नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है।
इस बीच, आईएमडी ने अगले 24 घंटों में दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। विभाग ने पंचमहल, दाहोद और महीसागर सहित मध्य गुजरात के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही दक्षिण गुजरात के कई जिलों में भी आने वाले दिनों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।


