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गुजरात: अंगड़िया फर्म में डकैती की कोशिश नाकाम

अहमदाबाद के इसनपुर इलाके में एक अंगड़िया फर्म में कथित तौर पर डकैती की कोशिश कर रहे दो लोगों को तीन देसी पिस्तौल और 19 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने निशाना बनाने से पहले ऐसी कई फर्मों की रेकी की थी।

गुजरात: अंगड़िया फर्म में डकैती की कोशिश नाकाम
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अहमदाबाद। अहमदाबाद के इसनपुर इलाके में एक अंगड़िया फर्म में कथित तौर पर डकैती की कोशिश कर रहे दो लोगों को तीन देसी पिस्तौल और 19 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने निशाना बनाने से पहले ऐसी कई फर्मों की रेकी की थी।

यह घटना गुरुवार शाम करीब 6 बजे नारोल सर्कल के पास बीआरटीएस बस स्टॉप के सामने स्थित पटेल महेंद्रभाई सोमभाई अंगड़िया फर्म में हुई।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी हथियारों से लैस होकर परिसर में घुस गए, लेकिन मालिक ने उन्हें पकड़ लिया और शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और उन्हें काबू कर लिया गया।

पुलिस उपायुक्त (जोन-6) भागीरथ गढ़वी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस लगभग पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई और स्थानीय लोगों के सहयोग से दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजन शाह (35) और अली मोहम्मद रुस्तम अली शेख (70) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के निवासी हैं और वर्तमान में इसनपुर में किराए के मकान में रह रहे हैं। उनके कथित सहयोगी प्रीतम सिंह की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

ढ़वी ने कहा कि इन तीनों ने लगभग 15 दिन पहले रेकी की थी। पिछले दो-तीन दिनों में, वे फिर से उस इलाके में गए और अंगड़िया की विभिन्न फर्मों का निरीक्षण किया, जिसमें वहां मौजूद लोगों की संख्या और उनकी आवाजाही भी शामिल थी। उन्होंने उस फर्म को निशाना बनाने का फैसला किया जहां उन्हें कम लोग मिले।

पुलिस के अनुसार, राजन मुख्य योजनाकार था। आरोपियों का इरादा कथित तौर पर डकैती को अंजाम देने के बाद बिहार भाग जाना था।

पुलिस ने बताया कि राजन ने पहले दुबई में एक साल से अधिक समय बिताया था, लेकिन पर्याप्त कमाई न कर पाने के कारण वापस लौट आया था और बाद में अहमदाबाद में आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा था।

गढ़वी ने बताया कि राजन ने अलीमहमद और प्रीतम को योजना में शामिल किया था। अलीमहमद कथित तौर पर राजन के निर्देश पर बिहार से हथियार लाया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी हथियार लेकर अंगड़िया की फर्म में दाखिल हुए, जबकि प्रीतम बाहर ही रहा और अभी तक उसका पता नहीं चल पाया है।

गढ़वी ने कहा कि फिलहाल, प्रारंभिक पूछताछ से पता चलता है कि प्रीतम उनकी मदद कर रहा था और हो सकता है कि उसने हथियार जुटाने में भी सहायता की हो। हम अभी भी उसकी सटीक भूमिका की जांच कर रहे हैं।

पुलिस ने आरोपियों से तीन देसी पिस्तौलें, 19 जिंदा कारतूस और 10 से अधिक चाकू बरामद किए। उनके आवास की तलाशी में लगभग 200 ग्राम बारूद भी बरामद हुआ।


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