सरकारों को प्रवासी मजदूरों की बिल्कुल चिंता नहीं : मायावती
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों पर प्रवासी मजदूरों को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को कहा कि इस संबंध में अदालतों का जवाब तलब करना संतोष देता है .

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों पर प्रवासी मजदूरों को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को कहा कि इस संबंध में अदालतों का जवाब तलब करना संतोष देता है .
सुश्री मायावती ने ट्वीट में कहा कि मीडिया ने प्रवासी मजदूरों के दुख दर्द को जिस तरह से दिखाया है , केंद्र और राज्य सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया है . यह संतोष की बात है कि अदालतें इस संबंध में जवाब तलब कर रही हैं .
बसपा नेता ने कहा, " जिस प्रकार से लाॅकडाउन से पीड़ित और घर वापसी को लेकर मजबूर प्रवासी श्रमिकों की बदहाली तथा रास्ते में उनकी मौत आदि के कड़वे सच मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया के सामने हैं , वह पुनःस्थापित करते हैं कि केन्द्र और राज्य सरकारों को इनकी बिल्कुल भी चिन्ता नहीं है, यह अति-दुःखद है."
सुश्री मायावती ने कहा कि देश में लाॅकडाउन के आज 65वें दिन यह थोड़ी राहत की खबर है कि माननीय न्यायालयों ने कोरोनावायरस की जाँच और इलाज में सरकारी अस्पतालों की बदहाली, निजी अस्पतालों की उपेक्षा तथा प्रवासी मजदूरों की बढ़ती दुर्दशा और मौतों के सम्बंध में केन्द्र एवं राज्य सरकारों से सवाल-जवाब शुरू कर दिया है."
2. देश में लाॅकडाउन के आज 65वें दिन यह थोड़ी राहत की खबर है कि माननीय न्यायलयों ने कोरोनावायरस की जाँच/इलाज में सरकारी अस्पतालों की बदहाली, निजी अस्पतालों की उपेक्षा व प्रवासी मजदूरों की बढ़ती दुर्दशा व मौतों के सम्बंध में केन्द्र व राज्य सरकारों से सवाल-जवाब शुरू कर दिया है। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) May 28, 2020
इससे पहले उन्होंने कहा कि केन्द्र और महाराष्ट्र सरकार के बीच विवाद के कारण लाखों प्रवासी श्रमिक बहुत बुरी तरह से पिस रहे हैं जो अति-दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण हैं.


