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निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाए सरकार : भड़ाना

 डबुआ कॉलोनी स्थित बी एन पब्लिक स्कूल में एक बच्ची खुशी पानी में फिसलकर नीचे गिर गई, जिसके कारण छात्रा के दोनों पैर टूट गए और रीढ़ की हड्डी में भी चोट आई है

निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाए सरकार : भड़ाना
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फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी स्थित बी एन पब्लिक स्कूल में एक बच्ची खुशी पानी में फिसलकर नीचे गिर गई, जिसके कारण छात्रा के दोनों पैर टूट गए और रीढ़ की हड्डी में भी चोट आई है। छात्रा को उसके परिजनों ने इलाज के लिए एस्कोर्ट्स फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया है। छात्रा खुशी के परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने इस पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया है। वह बच्ची पर ही आरोप लगा रहे हंै कि वह छत से कूदी है।

जबकि उनकी बेटी पैर फिसलने की वजह से गिरी है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन ने उनके साथ बदतमीजी की और उनकी बच्ची को भी स्कूल में पुन: लेने से मना कर दिया। मामले के संज्ञान में आते ही आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं बड़खल विधानसभा अध्यक्ष धर्मबीर भड़ाना अपनी टीम के साथ अस्पताल में बच्ची से मिलने पहुंचे और उसका हालचाल पूछा। जहां पर परिजनों ने बताया कि स्कूल प्रशासन ने सरासर लापरवाही की है और उनके माता-पिता से जबरन हस्ताक्षर कराए गए कि जो कुछ भी हुआ है, वह खुशी की अपनी गलती से हुआ है।

भड़ाना ने खुशी के परिजनों को सांत्वना दी कि वो बच्ची को न्याय दिलाएंगे और स्कूल प्रशासन से मांग करते हैं कि खुशी के इलाज का खर्च दे और उसका दाखिला स्कूल में कराया जाए। अगर स्कूल प्रशासन इसमें लापरवाही बरतता है तो मजबूरन आम आदमी पार्टी को स्कूल प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ेगा।

आप नेता धर्मबीर भड़ाना ने कहा कि इस पूरे मामले में स्कूल प्रशासन की जवाबदेही बनती है, जिसमें बच्ची को इतनी गंभीर चोट आने के बाद भी ईलाज नहीं कराया और उल्टा बच्ची की लापरवाही ही बताते रहे। उन्होंने कहा कि स्कूल में न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और न ही मेडिकल सुविधा का कोई बंदोबस्त है।

क्या कहते हैं देव सिंह गुंसाई
गढ़वाल सभा के प्रधान व बीएन स्कूल की मैनेजिंग कमेटी के चेयरमैन देव सिंह गुंसाई ने कहा कि स्कूल प्रबंधन छात्रा खुशी के ईलाज में आने वाले सभी खर्च को वहन करने के लिए तैयार है। साथ ही वह बच्ची को दोबारा स्कूल में लेने को भी तैयार हैं।

देव सिंह गुंसाई ने कहा कि वैसे उनके स्कूल प्रबंधन ने यह नहीं कहा कि वह खुशी को दुबारा स्कूल में नहीं लेंगे लेकिन फिर भी यदि कोई गलतफहमी हुई है तो वह उसे दूर करेंगे।


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