जनता से किए गए संकल्प को पूर्ण करने के लिए छग सरकार प्रतिबद्ध: राज्यपाल
छत्तीसगढ़ की पंचम विधानसभा का पहला सत्र आज राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ

रायपुर। छत्तीसगढ़ की पंचम विधानसभा का पहला सत्र आज राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के अनुरूप कार्य करते हुए जनता से किए गए संकल्प को पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे महापुरुषों ने जो परपंराएं दी हैं और वे जो सपने संजोए थे, उसे हम पूर्ण करते हुए छत्तीसगढ़ को प्रगति के उच्चतम शिखर पर स्थापित करेंगे।
राज्यपाल ने कहा, "जनता के कल्याण और राज्य के विकास के लिए पूरी लगन, निष्ठा और समर्पण से कार्य करना है। छत्तीसगढ़ विधानसभा की आदर्श परम्पराओं और कीर्ति को आगे बढ़ाना है।"
राज्यपाल ने कहा, "जनादेश का सम्मान करते हुए मेरी सरकार ने जनघोषणा-पत्र 2018 को आत्मसात किया है। नई सरकार का गठन होते ही 17 दिसंबर को मंत्रि-परिषद की पहली बैठक में 16 लाख 65 हजार से अधिक किसानों का छह हजार 100 करोड़ रुपये से अधिक अल्पकालीन कृषि ऋण माफ करने का निर्णय लिया गया।"
उन्होंने कहा, "छत्तीसगढ़ के सहकारी बैंकों एवं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में समस्त किसानों के 30 नवम्बर, 2018 तक के अल्पकालीन कृषि ऋण माफ किए जाने हैं। मंत्रि-परिषद की पहली बैठक में ही वर्ष 2018-19 में 2,500 रुपये प्रति कुंटल की दर पर धान खरीदी का निर्णय भी लिया गया।"
उन्होंने कहा, "वर्ष 2013 में घटित झीरम घाटी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शहीद हुए नेताओं के परिवारों तथा जनसामान्य में इस बात को लेकर भी रोष था कि इतनी बड़ी घटना की समुचित जांच नहीं हो पाई है। मेरी सरकार ने मंत्रि-परिषद की पहली बैठक में ही झीरम घाटी घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच एस.आई.टी. से कराने का निर्णय लिया है।"
राज्यपाल ने आगे कहा, "बस्तर के लोहाण्डीगुड़ा में एक दशक पहले टाटा इस्पात संयंत्र के लिए राज्य शासन द्वारा ग्रामीणों-किसानों की निजी भूमि अधिग्रहित की गई थी, जिसमें 10 गांवों (लोहण्डीगुड़ा तहसील के अन्तर्गत छिंदगांव, कुम्हली, धुरागांव, बेलियापाल, बडानजी, दाबपाल, बड़ेपरोदा, बेलर, सिरीसगुड़ा तथा तोकापाल तहसील के अन्तर्गत ग्राम ताकरागुड़ा) के 1,700 से अधिक खातेदारों की 1700 हेक्टेयर से अधिक भूमि शामिल थी। 10 साल बीत जाने पर भी टाटा ने इस्पात संयंत्र लगाने में कोई रुचि नहीं ली। जिसके कारण सरकार ने इन ग्रामीणों-किसानों को उनकी भूमि लौटाने का फैसला किया है।"
राज्यपाल ने कहा, "छोटे आकार के भूखण्ड की खरीदी-बिक्री को लेकर लोगों के सामने आ रही अनेक परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने पांच डिसमिल से कम रकबे की खरीदी-बिक्री, नामांतरण-पंजीयन से रोक हटा दी है।
प्रदेश में अनेक गृहस्थ और छोटे निवेशक चिटफंड कम्पनियों के जाल में फंस गए थे। सरकार चिटफंड कम्पनियों के संचालकों और आर्थिक धोखाधड़ी में मुख्य भूमिका निभाने वाले महत्वपूर्ण लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर निवेशकों की राशि लौटाने के लिए भी यथोचित कार्रवाई करेगी।"
राज्यपाल ने कहा, "छत्तीसगढ़ की पारम्परिक पहचान इसके समृद्ध, आत्मनिर्भर और प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण गौरवपूर्ण गांव-गांव आधारित संस्कृति, कला एवं शिल्प रहे हैं। मेरी सरकार 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' के संकल्प के साथ जनभागीदारीयुक्त समृद्ध गांव के सपने को पूरा करने के लिए कृत संकल्प है।"
उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की प्रक्रिया में प्रत्येक नागरिक का सशक्तीकरण, सबको गरिमा के साथ जीवन जीने की सुविधा, सबको न्याय तथा समान अवसर, किसानों, ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों, बच्चों, युवाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक जैसे समाज के सभी अंगों के कल्याण एवं विकास की नीतियां और योजनाएं बनाने में, मेरी सरकार को आप सबका पूर्ण सहयोग मिलेगा।"


