Top
Begin typing your search above and press return to search.

किसानों के लिए खुशखबरी ,इस मानसून में जमकर होगी बारिश

देश के किसानों के लिए अच्छी खबर है कि अलनीनो की मौसमी दशाओं के कारण मानसून पर असर नहीं पड़ेगा और मानसून सीजन के दौरान लगभग औसत बारिश होगी

किसानों के लिए खुशखबरी ,इस मानसून में जमकर होगी बारिश
X

नई दिल्ली। देश के किसानों के लिए अच्छी खबर है कि अलनीनो की मौसमी दशाओं के कारण मानसून पर असर नहीं पड़ेगा और मानसून सीजन के दौरान लगभग औसत बारिश होगी। यह संकेत सोमवार को मौसम विभाग की ओर जारी पूर्वानुमान में दिया गया है।

विभाग की ओर से मानसूनी बारिश पर अलनीनो का प्रभाव होने से इनकार किया गया है क्योंकि अलनीनो के जून तक कमजोर होने की संभावना है जिससे भारत में मानसून पर कोई असर नहीं होगा।

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून से इस साल मानसून के चार महीने (जून-सिंतबर) के दौरान पूरे देश में लगभग सामान्य बारिश होने की संभावना है। विभाग ने इस दौरान 96 फीसदी बारिश होने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार, 1951 से लेकर 2000 तक की अवधि के लिए पूरे भारत में इस सीजन में होने वाली बारिश का औसत 89 सेंटीमीटर है।

भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि इस साल मानसून के तकरीबन सामान्य रहने की उम्मीद है।

पृथ्वी और विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. राजीवन नायर ने कहा, "भारत में 2019 में मानसून तकरीबन सामान्य रहने वाला है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून लगभग सामान्य रहने की उम्मीद है।"

उन्होंने कहा कि मानसून की लंबी अवधि के दौरान 96 फीसदी बारिश होने की उम्मीद है।

नायर ने कहा, "अलनीनो का प्रभाव जून तक कमजोर होना शुरू हो जाएगा जिससे यह सुनिश्चित होगा कि मानसून की अच्छी बारिश पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।"

ताजा वैश्विक पूर्वानुमान के अनुसार, इस बार गर्मी के मौसम में अलनीनो का प्रभाव कमजोर बना रहेगा।

सचिव ने कहा, "हम पूरे देश में बारिश के एक समान वितरण की उम्मीद करते हैं। यह साल किसानों के लिए अच्छा रहेगा।"

पिछले साल 2018 में लंबी अवधि के दौरान मानसूनी बारिश 97 फीसदी रहने के पूर्वानुमान की जगह देश में आखिर में जुलाई से सितंबर के दौरान 91 फीसदी बारिश दर्ज की गई थी।

मालूम हो कि 90-96 फीसदी बारिश को सामान्य से कम, 96-104 फीसदी को सामान्य, 104-110 फीसदी को सामान्य से अधिक और 110 फीसदी से ज्यादा को अत्यधिक बारिश की श्रेणी में रखा जाता है, जबकि 90 फीसदी से कम बारिश वर्षाभाव या अनावृष्टि मानी जाती है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it