गोवा में शराब बिक्री पर सख्त निगरानी
गोवा सरकार शराब बिक्री पर निगरानी को और मजबूत करने जा रही है

हर बोतल पर लगेगा हाई-सिक्योरिटी लेबल
- 2D कोड से होगी नकली शराब की पहचान
- राजस्व हानि रोकने को ट्रैक-एंड-ट्रेस सिस्टम
- पर्यावरण स्कीम से भी जुड़ेंगे नए लेबल
गोवा सरकार शराब बिक्री पर निगरानी को और मजबूत करने जा रही है। राज्य के आबकारी विभाग ने शराब की हर बोतल का रिकॉर्ड रखने के लिए एक नई ट्रैकिंग प्रणाली लागू करने की योजना बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से राजस्व हानि कम होगी और नकली या बिना कर चुकाए उत्पादों पर रोक लगाई जा सकेगी।
विभाग ने गोवा इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के माध्यम से 2D कोड-आधारित ट्रैक-एंड-ट्रेस सिस्टम और हाई-सिक्योरिटी एक्साइज एडहेसिव लेबल्स (HSEAL) के लिए टेंडर जारी किया है। इन लेबल्स को शराब की बोतलों पर लगाया जाएगा, जिससे हर उत्पाद की पहचान और सत्यापन संभव होगा।
टेंडर दस्तावेज़ के अनुसार, इस प्रणाली का उद्देश्य नकली शराब, बिना शुल्क चुकाई गई शराब, अनधिकृत वितरण और डायवर्जन का पता लगाना है। यह व्यवस्था मौजूदा गोवा एक्साइज मैनेजमेंट सिस्टम (GEMS) की सीमाओं को दूर करेगी और उत्पादन या आयात से लेकर अंतिम बिक्री तक एंड-टू-एंड दृश्यता प्रदान करेगी।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब राज्य के राजस्व का एक बड़ा स्रोत है, इसलिए सख्त प्रवर्तन उपकरणों की जरूरत है। मौजूदा ढांचे में लेबल और उत्पादों के जीवनचक्र भर केंद्रीकृत विश्लेषण और रियल-टाइम निगरानी की क्षमता सीमित है।
नई प्रणाली को GEMS से जोड़ा जाएगा और इसे पर्यावरण विभाग की डिपॉजिट रिफंड स्कीम के साथ भी एकीकृत करने की योजना है, ताकि प्लास्टिक, धातु और कांच के कंटेनरों से होने वाले कचरे को कम किया जा सके। टेंडर में चयनित एजेंसी को ट्रैक-एंड-ट्रेस प्लेटफॉर्म डिजाइन, विकसित, लागू और संचालित करने के साथ-साथ सुरक्षित लेबल छापने और आपूर्ति करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।


