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गोवा: क्रिप्टो हवाला और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट पर ईडी की कार्रवाई, दुबई निवासी गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गोवा जोनल कार्यालय ने क्रिप्टो हवाला और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दुबई निवासी निहाल वीएन को गिरफ्तार किया है

गोवा: क्रिप्टो हवाला और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट पर ईडी की कार्रवाई, दुबई निवासी गिरफ्तार
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पणजी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गोवा जोनल कार्यालय ने क्रिप्टो हवाला और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दुबई निवासी निहाल वीएन को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई। विशेष पीएमएलए अदालत, गोवा ने आरोपी को 28 जुलाई तक सात दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है।

ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई प्रधानमंत्री के 'नशा मुक्त भारत' अभियान और केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 26 जून 2026 को हुई 10वीं एपेक्स एनसीओआरडी बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप की गई है। एजेंसी का कहना है कि अब उसका ध्यान केवल ड्रग्स ले जाने वाले लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क, डार्कनेट ऑपरेटरों, सरगनाओं और उन्हें आर्थिक मदद देने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खत्म करने पर है।

जांच में सामने आया है कि दुबई में रह रहा निहाल वी.एन. कई देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोहों के लिए वित्तीय नेटवर्क संचालित करता था। आरोप है कि वह भारत में नशीले पदार्थों की बिक्री से हुई अवैध कमाई को क्रिप्टो करेंसी और विदेशी मुद्रा में बदलकर उसे विदेश भेजता था। इस धन का इस्तेमाल ब्राजील और थाईलैंड में मौजूद ड्रग कार्टेल और सप्लायर भारत में तस्करी के लिए उच्च गुणवत्ता वाले नशीले पदार्थ और सिंथेटिक ड्रग्स खरीदने में करते थे।

ईडी ने बताया कि फोरेंसिक और डिजिटल जांच में कई अवैध क्रिप्टो वॉलेट, विदेशी बैंक खाते और फर्जी कंपनियों की पहचान हुई है, जिनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था।

इससे पहले ईडी ने गोवा, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा और दिल्ली समेत सात राज्यों में 26 स्थानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई गोवा पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज मामले के आधार पर शुरू की गई जांच के तहत की गई थी। जांच में कई राज्यों में बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) मॉडल के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई का भी खुलासा हुआ।

छापेमारी के दौरान ईडी ने करीब तीन करोड़ रुपए नकद, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए थे। इस मामले में मुख्य आरोपी मधुपन एस.एस. को 17 जनवरी 2026 को पीएमएलए की धारा 19 के तहत पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

ईडी ने कहा कि वह संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। एजेंसी का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त किया जा रहा है, ताकि ड्रग तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके। मामले में अन्य लाभार्थियों, सहयोगियों और अवैध संपत्तियों की पहचान के लिए जांच जारी है।


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