गोवा में हॉलिडे पैकेज के नाम पर ठगी, आरोपी गिरफ्तार
गोवा के अंजुना पुलिस स्टेशन ने पर्यटन पैकेज के नाम पर ठगी के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी संगठित तरीके से पर्यटकों को महंगे हॉलिडे पैकेज बेचने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा था, जिससे गोवा की छवि भी प्रभावित हो रही थी।

पणजी। गोवा के अंजुना पुलिस स्टेशन ने पर्यटन पैकेज के नाम पर ठगी के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी संगठित तरीके से पर्यटकों को महंगे हॉलिडे पैकेज बेचने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा था, जिससे गोवा की छवि भी प्रभावित हो रही थी।
पुलिस ने बताया कि अंजुना पुलिस स्टेशन में दर्ज इस केस में गौरेश शिरोडकर निवासी डोंगरीम, मंडूर (उत्तर गोवा) को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला 29 अक्टूबर को दर्ज किया गया था। यह शिकायत कर्नाटक के रामनगरम निवासी 26 वर्षीय इंजीनियर निदा कनीस फातिमा ने दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, उन्हें छुट्टियों के पैकेज का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया गया। इस मामले में ठगी की राशि 99,430 रुपए बताई गई है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी जीओआईआई वेकेशन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी का संचालन कर रहा था। कंपनी के फील्ड स्टाफ लोगों को स्क्रैच कार्ड बांटने और अन्य तरीकों से आकर्षित करते थे। इसके बाद संभावित ग्राहकों को अर्पोरा स्थित होटल लेमन ट्री लाया जाता था, जहां उन्हें हॉलिडे पैकेजों के बारे में प्रस्तुति देकर भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता के साथ भी इसी तरीके से धोखाधड़ी की गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ गोवा के विभिन्न पुलिस थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं। इनमें पणजी पुलिस स्टेशन में चार, कलंगुट पुलिस स्टेशन में एक, आर्थिक अपराध शाखा (ईओसी) पणजी में एक और अंजुना पुलिस स्टेशन में तीन मामले शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि इन मामलों से संकेत मिलता है कि आरोपी संगठित तरीके से पर्यटकों को निशाना बना रहा था और इस तरह की गतिविधियां राज्य की पर्यटन छवि को नुकसान पहुंचा रही थीं। मामले की गंभीरता, आरोपी के खिलाफ दर्ज कई शिकायतों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की आवश्यकता को देखते हुए उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान सभी कानूनी प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। शुक्रवार को आरोपी को मापुसा स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आगे की जांच के लिए उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और इस ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।


