यातायात को सुधारने के लिए लिया जाएगा अब ट्रैमो का सहारा
गाजियाबाद । उप्र में पहली बार किसी जिले में ट्रैमो (ट्रैफिक मोबाइल) की शुरुआत की गई है। लगातार जाम झेल रहे गाजियाबाद के लोगों को इस नई व्यवस्था से राहत मिलने के आसार है।

गाजियाबाद । उप्र में पहली बार किसी जिले में ट्रैमो (ट्रैफिक मोबाइल) की शुरुआत की गई है। लगातार जाम झेल रहे गाजियाबाद के लोगों को इस नई व्यवस्था से राहत मिलने के आसार है।
गाजियाबाद में यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। कई बार सडक़ पर किसी ट्रक के खराब हो जाने के कारण या फिर गलत गाड़ी पार्क कर दिए जाने के कारण सडक़ पर घंटों जाम लग जाता है। कई बार इस संबंध में यातायात पुलिस को सूचना भी दी जाती है लेकिन जब तक कोई कार्रवाई होती है तब तक जाम काफी लंबा हो जात है।
आम लोगों की परेशानी को देखते हुए एसपी सिटी राजेश कुमार ने शहर को जाम मुक्त करने के लिए छह ट्रैमो को हरी झंडी दिखाई। यह सभी ट्रैमो शहर में घूम-घूमकर यातायात की समस्या का निपटारा करेंगे।
कैसे काम करेगा ट्रैमो
पूरे शहर को छह भागों में बांट दिया गया है। इन सभी ट्रैमो को एक-एक जोन बांटे गए हैं। हर ट्रैमो में दो यातायात पुलिसकर्मियों की व्यवस्था की गई है। ट्रैमो के सदस्य अपने जोन में दिनभर घूमेंगे और जहां पर जाम की समस्या होगी उसे खुलवाने में मदद करेंगे। यही नहीं अगर कोई 100 नंबर पर भी शिकायत करता है तो यह यातायात कर्मी तुरंत इस पर कार्रवाई करेंगे।
छह जोन में बांटा गया है ट्रैमो को
ट्रैमो 1-यूपी गेट से संतोष मेडिकल कट
ट्रैमो 2- संतोष मेडिकल कट से धौलाना कट
ट्रैमो 3 - यूपी गेट से मोहननगर होते हुए सीमापुरी बॉर्डर
ट्रैमो 4- मोहननगर से मेरठ तिराहा होते हुए भट्टा नंबर 5
ट्रैमो 5- मेरठ तिराहा से नया बस अड्डा होते हुए लाल कुआं
ट्रैमो 6- हापुड़ मोड से होते हुए पुराना बस अड्डा से हापुड़ चुंगी


