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 गैंगस्टर आनन्द पाल सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने संबंधी याचिका खारिज

राज्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने सूचना के अधिकार के तहत पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर आनन्द पाल सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को तृतीय पक्षकार को देने के संबंध में दाखिल आवेदन को खारिज कर दिया

 गैंगस्टर आनन्द पाल सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने संबंधी याचिका खारिज
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जयपुर । राज्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने सूचना के अधिकार के तहत पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर आनन्द पाल सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को तृतीय पक्षकार को देने के संबंध में दाखिल आवेदन को खारिज कर दिया है।
आयुक्त आशुतोष शर्मा ने अपीलकर्ता अजीत सिंह की ओर से सूचना के अधिकार के तहत दाखिल दो अपीलों को खारित करते हुये कहा कि आनंद पाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति किसी भी आम आदमी तृतीय पक्षकार को नहीं मिल सकती। इसके साथ ही मृतक आनन्द पाल का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के नाम भी सूचना का अधिकार के तहत उजागर नहीं किए जा सकते।

आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस-न्यायालय-चिकित्सक व मृतक के परिजनों से सम्बन्धित व्यक्तिगत सूचना है तथा व्यापक लोकहित दर्शाए बिना इसकी प्रति किसी अन्य व्यक्ति को सूचना का अधिकार के तहत नहीं दी जा सकती। आयोग ने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के नाम भी उनकी सुरक्षा को देखते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सार्वजनिक नहीं किए जा सकते।

आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट केवल मृतक के परिजनों को दी जा सकती है। मृतक आनन्द पाल की पत्नी श्रीमती राजकंवर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति दे दी गई और अपीलार्थी यह साबित करने में विफल रहा है कि इस मामले में कोई जनहित है। बिना व्यापक जनहित के किसी अन्य व्यक्ति को किसी की व्यक्तिगत सूचनाएं नहीं दी जा सकती।

आयोग ने अपने फैसले में यह भी कहा कि पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के नाम की सूचना भी उनके प्रति विश्वास तथा उनके जीवन व शारीरिक सुरक्षा के मद्देनजर सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8 1 ई एवं 8 1 जी के तहत नहीं दी जा सकती। रतनगढ़ उप जिला अस्पताल द्वारा सूचना आवेदक को चिकित्सकों के नाम की सूचना नहीं दी लेकिन चूरू जिला अस्पताल ने आवेदक को चिकित्सकों के नाम बता दिए।

आयोग ने फैसले में चूरू जिला अस्पताल द्वारा आवेदक को पोस्टमार्टम में शामिल चिकित्सकों के नाम उजागर करने पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को चेतावनी दी है कि वे भविष्य में ऐसी सूचना देने के प्रति सावधानी बरतें।
उल्लेखनीय है कि अनेक आपराधिक मामलों में वांछित गैंगस्टर आनन्द पाल सिंह पिछले साल जून में राजस्थान पुलिस के साथ एनकाउंटर में मारा गया था जिसके बाद प्रदेश में बवाल हो गया था।

अपील कर्ता अजीतसिंह ने सूचना के अधिकार के तहत उपजिला अस्पताल, रतनगढ़ व जिला अस्पताल, चूरू से आनन्द पाल सिंह के रतनगढ़ व चूरू में हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतियां व पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के नाम की सूचना चाही थी। सूचनाएं नहीं मिलने पर मामला अपील में राज्य सूचना आयोग पहुंचा था। अस्पतालों के लोक सूचना अधिकारियों ने आवेदक को पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने से इन्कार कर दिया था।
अपीलार्थी ने कहा कि आनन्द पाल के एनकाउंटर के बाद देश भर में बवाल हुआ है इसलिए जनहित में उसे सूचना दिलाई जाए।


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