त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब देब ने जेपी नड्डा से मुलाकात कर दी अपनी सफाई
त्रिपुरा में पार्टी और सरकार के अंदर जारी घमासान के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा है और अपने बयान को लेकर सफाई भी दी है

नई दिल्ली। त्रिपुरा में पार्टी और सरकार के अंदर जारी घमासान के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा है और अपने बयान को लेकर सफाई भी दी है। बिप्लब देब ने पार्टी अध्यक्ष के साथ मुलाकात की अपनी तस्वीरों को शेयर करते हुए स्वयं यह कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ उनकी बैठक के दौरान संगठन के विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और उनका महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
दरअसल, पिछले महीने त्रिपुरा में भाजपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक से पहले बिप्लब देब ने अपनी ही पार्टी की राज्य सरकार और राज्य भाजपा संगठन के कामकाज को लेकर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि भाजपा के संगठनात्मक मामलों में बाहरी लोग हस्तक्षेप कर रहे हैं और बाहरी लोगों का हस्तक्षेप संगठन को कमजोर बना रहा है। बिप्लब देब ने अपनी ही माणिक साहा सरकार और अपनी ही पार्टी को नसीहत देते हुए कहा था कि सरकार और संगठन को सही दिशा में काम करना चाहिए।
अपनी क्षमता के बारे में बताते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तो यहां तक बोल पड़े थे कि वे आईएएस या आईपीएस अधिकारी नहीं हैं, लेकिन उन्हें पता है कि संगठन को कैसे मजबूत करना है। राज्य में भाजपा संगठन में उनके लोगों को किनारे किए जाने से आहत बिप्लब देब ने यह भी कहा था कि राज्य भाजपा इकाई में फेरबदल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में लेकर किया जाना चाहिए।
बिप्लब देब के इस आक्रामक अंदाज और खुलकर अपनी ही सरकार की आलोचना करने ने पार्टी आलाकमान को असहज कर दिया था। नाराज पार्टी आलाकमान ने उन्हें अपनी सफाई देने के लिए दिल्ली तलब कर लिया था।
ऐसे में यह माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान बिप्लब देब ने अपनी सफाई दी है और उन कारणों को विस्तार से बताया है, जिनकी वजह से उन्हें इस तरह का बयान सार्वजनिक रूप से देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
हालांकि यह देखने वाली बात होगी कि क्या नड्डा त्रिपुरा भाजपा में जारी इस घमासान को रोक पाने में सफल हो पाएंगे, क्योंकि बिप्लब देब ने खुलकर पार्टी के एक बड़े और प्रभावशाली नेता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।


