आंध्र विस के पूर्व अध्यक्ष कोडेला राव ने की खुदकुशी
आंध्र प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं छह बार विधायक रहे तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के वरिष्ठ नेता कोडेला शिव प्रसाद राव ने सोमवार को यहां अपने आवास पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली

हैदराबाद। आंध्र प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं छह बार विधायक रहे तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के वरिष्ठ नेता कोडेला शिव प्रसाद राव ने सोमवार को यहां अपने आवास पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
श्री राव के परिवार के सदस्यों की ओर से पुलिस को दिये गये बयान में इस बात का खुलासा हुआ है। डा. राव ने यहां जुबली हिल्स स्थित अपने आवास की पहली मंजिल के कमरे में छत के पंखे से लटककर अपनी जान दे दी।
सुबह का नाश्ता करने के बाद डा. राव करीब 10 बजे अपने कमरे में दाखिल हुए और खुद को कमरे में बंद कर लिया। कुछ देर के बाद जब पत्नी शशिकला उनके कमरे में गयीं और दरवाजा खटखटाया तो नहीं खुला। इसके बाद श्रीमती शशिकला ने उनके सुरक्षाकर्मी को बुलाया और दरवाजा तोड़ा गया।
जब घर के लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने दरवाजा तोड़ने के बाद देखा तो अंदर डा. राव छत के पंखे से फांसी लगाकर लटके हुए थे। इसके बाद डा. राव को बंजारा हिल्स स्थित बासवताराकाम इंडो-अमेरिकी कैंसर संस्थान में भर्ती कराया गया जहां डाॅक्टरों के सभी प्रयास विफल हो गये।
इसके बाद डाॅ. राव के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए ओस्मानिया जनरल अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस बीच पुलिस ने इस संबंध में रहस्यमयी माैत का मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच के लिए पुलिस की तीन टीमों का गठन किया गया है।
आंध्र प्रदेश के नगर निगम प्रशासन मंत्री बी सत्यनारायण ने तेलंगाना सरकार से डा. राव की रहस्मयी मौत की विस्तार से जांच कराने तथा इसके पीछे के वास्तविक कारणों के खुलासे का आग्रह किया है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा,“उनकी (डा. राव की) मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए एक व्यापक जांच की जानी चाहिए। यह भी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए कि सबूतों से छेड़छाड़ न हो।”
इस बीच तेदेपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने डा. राव के निधन के लिए राज्य की सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराकर नयी राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने इसे आत्महत्या करार देते हुए कहा कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की ओर से किए गए मानसिक उत्पीड़न के कारण श्री राव की असामयिक मौत हुई है।
तेदेपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने कई लोगों को प्राकृतिक रूप से मरते हुए देखा है लेकिन एक वरिष्ठ नेता का इस तरीके से आत्महत्या करना अस्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि श्री राव के जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए लेकिन वह कभी नहीं घबराए, उन्होंने हर समस्या का सामना बहादुरी के साथ किया, वह तेदेपा के एक तेज-तर्रार नेता थे।
डा. राव के परिवार में पत्नी के अलावा पुत्री डॉ विजया लक्ष्मी और दो पुत्र डॉ शिव राम कृष्ण तथा डॉ सत्यनारायण हैं।
श्री राव और उनका परिवार विधानसभा फर्नीचर मामले का सामना कर रहा था। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष का जन्म आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में दो मई 1947 को हुआ था। उन्होंने गुंटूर जिले के सीरिपुरम में प्राथमिक शिक्षा पूरी की थी। उन्होंने विजयवाड़ा के लोयोला कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई की और कुरनोल के गुंटूर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमएस (जनरल सर्जरी) की उपाधि ली।
तेदेपा नेता गुंटूर जिले में नारासारौपेट निर्वाचन क्षेत्र और सत्तेनापल्ले विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। वह 2014 में पांच वर्षों के लिए आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष बने।
श्री राव तीन दशक के अपने राजनीतिक सफर में कई पदों पर आसीन हुए। वह एन टी रामा राव और एन चंद्रबाबू नायडू की सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने गृह, स्वास्थ्य, सिंचाई, पंचायत राज, ग्रामीण विकास से संबंधित विभागों का कार्य अपने हाथों में लिया।
इसबीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने श्री राव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने श्री राव के परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
इस बीच पुलिस ने डाॅ. राव के पैतृक निवास नरसारावपेट शहर में मंगलवार को निषेधाज्ञा लागू कर दी जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।


