योगी सरकार का 10 लाख किसानों को दिवाली तोहफा, फसल नुकसान पर 30% तक बढ़ा मुआवजा; आपदा में मौत पर मिलेंगे 8 लाख रुपये
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आपदा राहत के मुआवजे में 25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। फसल नुकसान, पशुओं की मौत और मकान क्षति पर अब ज्यादा सहायता मिलेगी।

राज्य आपदा राहत विभाग के मुताबिक, एक अप्रैल से 4 नवंबर 2026 के बीच प्रदेश में 10,02,684 किसानों की करीब 52 लाख 14 हजार हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इस अवधि में 3,537 पशुओं की मौत भी दर्ज की गई है। राहत आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों से आपदा से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
फसल नुकसान पर अब कितना मिलेगा मुआवजा?
राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के तहत मिलने वाली सहायता के मानकों में बदलाव किया गया है। नए नियम वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेंगे।
नए प्रावधानों के तहत सिंचित क्षेत्र में फसल खराब होने पर मिलने वाली सहायता 17 हजार रुपये से बढ़ाकर 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। बारिश से फसल को नुकसान होने पर अब 8,500 रुपये के बजाय 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे। वहीं, बारहमासी फसलों और कृषि वानिकी के नुकसान पर सहायता 22,500 से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है।
पशुओं की मौत पर भी बढ़ी सहायता राशि
सरकार ने पशुपालकों को भी राहत दी है। प्राकृतिक आपदा में गाय, भैंस और अन्य बड़े पशुओं की मौत पर अब 40 हजार के बजाय 50 हजार रुपये मिलेंगे। बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं के लिए सहायता 4 हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है।
घोड़े और खच्चर जैसे भार ढोने वाले पशुओं की मौत पर 20 हजार की जगह 25,400 रुपये दिए जाएंगे। वहीं, मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी मिलने वाली सहायता 100 से बढ़ाकर 130 रुपये कर दी गई है।
मकान, स्कूल और रेशम उत्पादन के नुकसान पर राहत
आपदा में मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर मैदानी क्षेत्रों में 1.85 लाख और पहाड़ी इलाकों में 2.06 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। आंशिक रूप से टूटे मकान की मरम्मत के लिए 93 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए सहायता राशि 15.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
रेशम उत्पादन में नुकसान पर भी मुआवजा बढ़ाया गया है। एरी, शहतूत और टसर रेशम के लिए सहायता 6 हजार से बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति हेक्टेयर और मूगा रेशम के लिए 7,500 से बढ़ाकर 9,800 रुपये कर दी गई है।
राहत शिविरों में 30 दिन तक मिलेगी मदद
सरकार ने कृषि भूमि से गाद हटाने के लिए सहायता 18 हजार से बढ़ाकर 23 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी है। भूस्खलन और हिमस्खलन से जमीन को नुकसान होने पर अब 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक मदद मिलेगी। आपदा प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में 30 दिनों तक सहायता दी जाएगी। सूखे की स्थिति में 90 दिनों तक पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी मदद का प्रावधान है।
DBT से खाते में पहुंचेगी सहायता राशि
सरकार ने मुआवजा वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजने का निर्देश दिया है। लाभार्थियों की सूची और पात्रता का आधार भी सार्वजनिक करना होगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को बारिश, बाढ़ और सूखे से हुए नुकसान की भरपाई का भरोसा दिया था। उन्होंने करीब तीन करोड़ किसान परिवारों के लिए अलग आर्थिक पैकेज लाने की बात भी कही थी। अब आपदा राहत के मानकों में बदलाव को किसानों और पशुपालकों के लिए अहम कदम माना जा रहा है।


