योगी का कार्यकर्ताओं को संदेश: जाति के नाम पर समाज बांटने की कोशिशों से रहें सावधान, बोले- राष्ट्र प्रथम के भाव से करें काम
मेरठ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भाजपा कार्यकर्ताओं से जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर होने वाले संभावित विभाजन से बचने की अपील की। उन्होंने ‘राष्ट्र प्रथम’, बूथ संगठन और यूपी के विकास मॉडल पर जोर दिया।

मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में भाजपा के पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं से सामाजिक एकता बनाए रखने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें जाति के नाम पर समाज और महापुरुषों को बांटने का प्रयास कर सकती हैं, लेकिन महापुरुष किसी एक जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होते। उनके मुताबिक समाज को ऐसे विभाजन से बचाना जरूरी है।
‘व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश’
सीएम योगी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत हित से ऊपर संगठन और संगठन से ऊपर राष्ट्र को रखना चाहिए। उन्होंने ‘मुझे क्या’ वाली सोच को नुकसानदायक बताते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्र प्रथम का भाव जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
योगी ने 2014 के बाद भारत में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अपनी विरासत पर गर्व करते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के निर्माण को इसी बदलाव से जोड़ते हुए कहा कि जिन कार्यों को लंबे समय तक असंभव माना जाता था, वे अब संभव हुए हैं। ये उनके राजनीतिक संबोधन में किए गए दावे हैं।
मेरठ के विकास मॉडल का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और रोजगार से जुड़े कार्यों को भी गिनाया। उन्होंने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नमो भारत ट्रेन, मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का भी विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि परंपरागत उद्यमों के पुनर्जीवन से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ तक
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की बदलती पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि अब प्रदेश को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ के बजाय ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के जरिए पहचान मिल रही है। उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ के तहत स्थानीय खान-पान को भी वैश्विक पहचान दिलाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ और मुजफ्फरनगर के गुड़ जैसे स्थानीय उत्पादों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यूपी को अब पुराने ‘बीमारू’ राज्य के रूप में नहीं देखा जा सकता और प्रदेश देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
जातीय विभाजन के खिलाफ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी
अपने संबोधन के राजनीतिक हिस्से में योगी ने कहा कि कुछ लोग जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज को विभाजित करने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कोतवाल धन सिंह गुर्जर, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह और दुर्गा भाभी जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें किसी एक जाति के दायरे में सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह के विभाजन को रोकने की जिम्मेदारी संगठन के शक्ति केंद्र प्रमुखों की भी है।
बूथ और पन्ना प्रमुखों को दिया संगठन मजबूत करने का टास्क
योगी ने शक्ति केंद्र संयोजकों से प्रत्येक बूथ की समीक्षा करने, प्रभावी टीम बनाने और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारियां तय करने को कहा। उन्होंने एक-एक परिवार की मैपिंग और सर्वे के जरिए मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने की बात कही।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन का 100 प्रतिशत गठन पूरा करने और आने वाली पीढ़ी के लिए विकास कार्यों को उपलब्धि के रूप में दर्ज करने का आह्वान किया। सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत प्रदेश और क्षेत्र के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


